न्याय में 18 साल की देरी मंजूर नहीं

एक भ्रष्ट जनप्रतिनिधि (तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता) 18 साल तक सत्ता में, सरकार में, विभिन्न पदों पर विराजमान रह कर आम जनता को, प्रशासन को अपनी मर्जी के अनुसार हांकती रही, तो सिर्फ इसलिए कि न्यायपालिका द्वारा फैसला सुनाने में 18 साल की देरी हुई. यह देरी आम जनता को मंजूर नहीं है. जनप्रतिनिधि पर […]

एक भ्रष्ट जनप्रतिनिधि (तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता) 18 साल तक सत्ता में, सरकार में, विभिन्न पदों पर विराजमान रह कर आम जनता को, प्रशासन को अपनी मर्जी के अनुसार हांकती रही, तो सिर्फ इसलिए कि न्यायपालिका द्वारा फैसला सुनाने में 18 साल की देरी हुई.

यह देरी आम जनता को मंजूर नहीं है. जनप्रतिनिधि पर देश, राज्य, समाज और आम जनता को उचित मार्गदर्शन देने की जवाबदेही होती है और एक भ्रष्ट, बेईमान, लुटेरा जनप्रतिनिधि सबको गलत दिशा की ओर ले जाने का षडयंत्र करेगा. इसलिए किसी भी जनप्रतिनिधि के मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में एक साल के भीतर निबटा देना चाहिए. प्रधानमंत्री बनने से पहले मोदी जी ने दागी नेताओं से निबटने के सवाल पर मीडिया में बयान दिया था कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बना कर मामला निबटायेंगे.

रामअवतार भगत, हजारीबाग

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