सिखों से अमानवीय व्यवहार क्यों?

सिखों ने कभी अपने बारे में नहीं, बल्कि सभी के बारे में प्रेमपूर्वक विचार किया. देश के लिए कुर्बानी दी. आन-बान-शान की रक्षा की, लेकिन आज उन सिखों के साथ ही देश में अमानवीय व्यवहार क्यों किया जा रहा है? विदेशों में सिखों की कद्र नहीं की जाती. उन्हें अपशब्द कह कर अपमानित किया जाता […]

सिखों ने कभी अपने बारे में नहीं, बल्कि सभी के बारे में प्रेमपूर्वक विचार किया. देश के लिए कुर्बानी दी. आन-बान-शान की रक्षा की, लेकिन आज उन सिखों के साथ ही देश में अमानवीय व्यवहार क्यों किया जा रहा है?
विदेशों में सिखों की कद्र नहीं की जाती. उन्हें अपशब्द कह कर अपमानित किया जाता है. कई बार उन्हें ओसामा बिन लादेन और तालिबान के आतंकियों से तुलना की जाती है. कई बार तो सिख युवकों को बेरहमी से वाहन के नीचे रौंद दिया जाता है. अभी हाल ही में एक भारतीय मूल के युवक पर एक अमेरिकी ने अपनी कार के नीचे कुचल कर 10 मीटर तक घसीटा.
इतना ही नहीं, अभी हाल में ही कॉमनवेल्थ गेम्स में एक सिख खिलाड़ी को फटका पहनकर खेलने से मना कर दिया गया. हम सरकार से आग्रह करना चाहते हैं कि वह सिखों के हो रहे अपमान के खिलाफ कार्रवाई करे.
हरपाल सिंह, बोकारो

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >