लोगों से देवनदी गंगा को संवारने का वादा कर वाराणसी से चुनाव जीत नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने. इसके बाद गंगा नदी को बचाने की चर्चाएं जोरों पर हैं. बात केवल गंगा नदी की नहीं है, हमारे देश में हर नदी की स्थिति कमोबेश ऐसी ही है.
हमारे देश में नदियों को मां का दरजा प्राप्त है. हमारे सभी पर्व-त्योहारों में नदियों को खास महत्व दिया जाता है. पर शायद आज लोगों की सोच बदल चुकी है. शायद इसलिए वे अपने घरों को सजाने, साफ रखने के लिए सब कुछ करते हैं, लेकिन अपनी नालियों को नदियों में बहाते हैं. कहीं नदियों का अतिक्रमण हो रहा है तो कहीं उनका मार्ग अवरुद्ध कर दिया जा रहा है. हम प्रलय के नाम से सिहर उठते हैं, लेकिन यह नहीं देखते कि हम खुद पल-पल प्रलय ला रहे हैं. जो नहीं जानते कि उनकी इन गलतियों का नतीजा होगा वे अज्ञानी हैं, पर जो समझते हैं, वे तो कुछ करें.
साकेत कु सिंह, बोकारो स्टील सिटी
