हर ओर भ्रष्टाचार का जोर है, लेकिन हाल ही में भ्रष्टाचार उजागर करनेवालों के पक्ष में आये सर्वोच्च न्यायलय के दो फैसले मील का पत्थर साबित होंगे. पहला, 2जी डायरी की सूचना देने वाले का नाम बताये बगैर न्यायलय ने सीबीआइ निदेशक के विरुद्ध मुकदमा शुरू करने का फैसला लिया.
इससे सूचना देने वाला सुरक्षित होगा और घोटाले के कई राज खुलेंगे. दूसरा, काले धन पर सरकार के खिलाफ अदालत में खड़ा होने पर एक अधिकारी के खिलाफ सरकार ने अनुशासनात्मक कारवाई करने का निर्णय लिया, लेकिन न्यायलय ने आदेश दिया कि व्यक्तिगत व सार्वजनिक मामले में सरकारी कर्मचारी भी अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है, संविधान इसकी इजाजत देता है. इन निर्णयों से व्हिसलब्लोअरों के हौसले बुलंद होंगे और भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार होगा.
आशुतोष कुमार, चास, बोकारो
