इन दिनों इराक में गृह युद्ध जारी है. इसमें सैकड़ों नागरिक मारे जा रहे हैं. किसी देश ने हस्तक्षेप करने की कोशिश नहीं की. संयुक्त राष्ट्र को हस्तक्षेप करना चाहिए और दुनिया में शांति बहाल करनी चाहिए. मलयेशिया का यात्री विमान नष्ट किया गया, मगर किसी देश ने इस पर कार्रवाई नहीं की. सिर्फ एक ऐसा देश है जो सब पर कार्रवाई करने के लिए तैयार रहता है और वह है अमेरिका, जिसने रूस पर प्रतिबंध लगा दिया है, क्योंकि रूसी समर्थित यूक्रेनी उग्रवादियों ने मलेशियाई विमान का मार गिराया था.
अब इराक में भी आतंकी संगठन आइएसआइएस को खत्म करने को तैयार हो गया है. ऐसा लगता है संयुक्त राष्ट्र का काम अमेरिका ने ही संभाल लिया है. बाकी देश सिर्फ नाम के सदस्य हैं. धन्य है अमेरिका, जो कुछ तो करने के लिए तैयार रहता है, लेकिन कुछ लोग इसे उसकी चौधराहट बताते हैं.
संतोष राम, बचरा
