बैंकों में धोखाधड़ी चिंताजनक

अनेक बड़े मामलों के सामने आने के बावजूद बैंकों में धोखाधड़ी का सिलसिला जारी है. लगता है कि विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चौकसी व अन्य धोखेबाजों के प्रकरणों से कोई सबक नहीं सीखा गया है. इससे सरकार व बैंकों की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान खड़ा होता है. जनता की गाढ़ी कमाई को इस प्रकार […]

अनेक बड़े मामलों के सामने आने के बावजूद बैंकों में धोखाधड़ी का सिलसिला जारी है. लगता है कि विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चौकसी व अन्य धोखेबाजों के प्रकरणों से कोई सबक नहीं सीखा गया है. इससे सरकार व बैंकों की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान खड़ा होता है.
जनता की गाढ़ी कमाई को इस प्रकार लूटे जाने से लोगों का आत्मविश्वास व भरोसा कमजोर होता जा रहा है. केंद्र सरकार व रिजर्व बैंक का यह पहला कर्तव्य है कि जनता में भरोसा कायम करें व धोखेबाजों पर कड़ी कार्रवाई हो. ऐसे ठोस इंतजाम होना चाहिए कि अब कोई घोटालेबाज घोटाले न कर सके.
– हेमा हरि उपाध्याय, उज्जैन, मध्य प्रदेश

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