बाल विवाह के खिलाफ सामाजिक चेतना जागृत करने में राजस्थान अव्वल रहा है. पूरे देश में जहां कुल 47 बाल विवाह निरस्त हुए हैं, उनमें से 43 मामले सिर्फ राजस्थान के हैं. यह कामयाबी उस राज्य ने प्राप्त की है, जो बाल विवाह को लेकर जाना जाता है.
निश्चित ही वहां का प्रशासनिक अमला एवं स्वयंसेवी संगठन बधाई और शाबाशी का हकदार है, जिन्होंने लोगों की मानसिकता बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. सामाजिक कुरीतियां सभ्य समाज के लिए कलंक के समान है. इनसे निजात पाकर ही परिवार, समाज और देश तरक्की के मार्ग पर अग्रसर हो सकता है.
ललित महालकरी, इंदौर (मध्य प्रदेश)
