वहशीपने पर अध्ययन की दरकार

बीते दिनों देश में हुईं बलात्कार की कुछ घटनाओं ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. लोगों में अपने और अपने परिवार वालों की सुरक्षा को लेकर फिक्र बढ़ गयी है. एक तरफ पूरा देश इन घटनाओं से आहत है और न्याय की मांग कर रहा है, वहीं हमारी सरकारें इसे लेकर गंभीर नहीं […]

बीते दिनों देश में हुईं बलात्कार की कुछ घटनाओं ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. लोगों में अपने और अपने परिवार वालों की सुरक्षा को लेकर फिक्र बढ़ गयी है. एक तरफ पूरा देश इन घटनाओं से आहत है और न्याय की मांग कर रहा है, वहीं हमारी सरकारें इसे लेकर गंभीर नहीं दिखती हैं. हालांकि, इस बार मानसिकता परिवर्तन की भी बात की जा रही है, लेकिन इस मानसिकता में परिवर्तन कैसे होगा?
आज जरूरत है कि ऐसी मानसिकता पैदा करनेवाले कारकों को ही दूर किया जाये, उन चीजों पर पाबंदी लगायी जाये, जो लोगों में ऐसी वहशी मानसिकता को पैदा करती हैं. साथ ही, इस विषय पर एक गहरा अध्ययन हो, ताकि कुछ ठोस कदम उठाया जाये. कब तक हमारा देश ऐसी घटनाओं से छलनी होता रहेगा.
अब्दुस सलाम शाकिर, रांची, झारखंड

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