गिद्ध धरती के पर्यावरण हितैषी

आसमान में मंडराते गिद्धों को देख कर अंदाजा लग सकता है कि जमीन पर कोई मरा जानवर पड़ा होगा. उड़ते हुए भी उनकी पैनी निगाह जमीन पर पड़े मृत जानवर को पहचान लेती है. वर्तमान में गिद्ध दिखाई नहीं देते. यह गिद्धों की कमी को दर्शाता है. गिद्धों की रक्षा में लोगों व संस्थाओं को […]

आसमान में मंडराते गिद्धों को देख कर अंदाजा लग सकता है कि जमीन पर कोई मरा जानवर पड़ा होगा. उड़ते हुए भी उनकी पैनी निगाह जमीन पर पड़े मृत जानवर को पहचान लेती है. वर्तमान में गिद्ध दिखाई नहीं देते.
यह गिद्धों की कमी को दर्शाता है. गिद्धों की रक्षा में लोगों व संस्थाओं को सहयोग हेतु आगे आना होगा ताकि उनके संरक्षण एवं पर्यावरण स्वच्छता का लाभ मिले. पक्षी विशेषज्ञों का मानना है कि गिद्धों की संख्या में कमी के कारण प्रदूषण, घटते जंगल, विषैले पदार्थ खाना आदि हैं. पर्यावरण हितैषी गिद्ध धरती पर जहां संक्रमण को रोकते हैं, वही स्वच्छता में हमारे सहयोगी रहे हैं. गिद्धों के हितों का ध्यान रखा जाए ताकि वे विलुप्ति के कगार पर न पहुंचे.
– संजय वर्मा ‘दॄष्टि’ धार, मध्य प्रदेश

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