चुनावी मुद्दा बने तकनीकी शिक्षा

बालेंदु शर्मा दाधीच जी का लेख ‘क्या चंद्रयान हैकरों का शिकार हुआ’ सचमुच में आश्चर्यचकित करता है कि एक आईटी शक्ति होने के बाद भी हम हैकरों से पार न पा सके. हम सब जानते हैं कि भविष्य की दुनिया तकनीकी आधारित होगी, लेकिन क्या हम इसके लिए तैयार हैं? कुछ क्षेत्रों में कहा जा […]

बालेंदु शर्मा दाधीच जी का लेख ‘क्या चंद्रयान हैकरों का शिकार हुआ’ सचमुच में आश्चर्यचकित करता है कि एक आईटी शक्ति होने के बाद भी हम हैकरों से पार न पा सके.
हम सब जानते हैं कि भविष्य की दुनिया तकनीकी आधारित होगी, लेकिन क्या हम इसके लिए तैयार हैं? कुछ क्षेत्रों में कहा जा सकता है, लेकिन बहुत क्षेत्रों में हम दूसरे देशों से बहुत पीछे हैं. इस कमी को पूरा करने के लिए हमारी शिक्षा व्यवस्था को तकनीकी आधारित बनानी होगी, वह भी शुरुआत से. हमारी शिक्षा व्यवस्था बहुत पुरानी हो चुकी है, जो वर्तमान और भविष्य के लिए उपयोगी नहीं जान पड़ती है.
यदि हम बच्चों को तकनीकी शिक्षा बचपन से देने लगेंगे, तो भारत की आवश्यकता की पूर्ति के साथ-साथ देश की ताकत भी बढ़ेगी. अफसोस है कि अभी तक अन्य मुद्दों की तरह तकनीकी शिक्षा राजनीतिक दलों के एजेंडे में स्थान नहीं पा सकी है. मीडिया से अनुरोध है कि वे इसे प्रभावी मुद्दा बनाने में सहयोग करे, जो कि देशहित में होगा.
आशीष कुमार, गिरिडीह

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