ट्रेन में हो स्पीकर की व्यवस्था

आमतौर पर जब कोई ट्रेन प्लेटफॉर्म के अलावा बीच रास्ते में कहीं रुकती है, तब यात्रियों द्वारा यही कयास लगाये जाते हैं कि कोई अन्य ट्रेन निकल रही होगी. ज्यादातर यही कारण होता भी है. लेकिन, जब तक ट्रेन पुनः चल नहीं देती, तब तक यात्रियों को उसके सही कारण का पता नहीं चलता. मेरा […]

आमतौर पर जब कोई ट्रेन प्लेटफॉर्म के अलावा बीच रास्ते में कहीं रुकती है, तब यात्रियों द्वारा यही कयास लगाये जाते हैं कि कोई अन्य ट्रेन निकल रही होगी. ज्यादातर यही कारण होता भी है. लेकिन, जब तक ट्रेन पुनः चल नहीं देती, तब तक यात्रियों को उसके सही कारण का पता नहीं चलता.

मेरा सुझाव है कि हर बोगी में एक स्पीकर की व्यवस्था की जाये, जो सीधे ट्रेन ड्राइवर और गार्ड के केबिन से जुड़े हों और जब भी ट्रेन कहीं रास्ते में रुके, तो ड्राइवर या गार्ड सही कारण की जानकारी दें. इस व्यवस्था से यात्री हमेशा वास्तविक स्थिति से अवगत रहेंगे.

विनाय मोघे, पुणे

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