288 और 90 सीटों वाले राज्य महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं. मतदान शांतिपूर्ण रहा. दोनों राज्यों में कुल मतदान प्रतिशत 56.65% और 63.55% रहा. दोनों राज्यों के विधानसभा चुनाव भाजपा के राज्य नेतृत्व के लिए अग्नि परीक्षा है. वहीं कांग्रेस के लिए अपनी खोई राजनीतिक साख को संजीवनी देने का एक बेहतर अवसर है.
शिवसेना, एनसीपी, लोकदल, समता पार्टी का उद्देश्य अपनी राजनैतिक आधार मजबूत करना रहेगा, साथ ही इन दलों की कोशिश होगी कि वे अपने वोट बैंक पर कोई सेंधमारी न हो और न ही राजनैतिक रूप से कोई राष्ट्रीय दलों पर निर्भर रहे. भाजपा ने राष्ट्रवाद, विकास, केंद्र -राज्य सरकारों द्वारा की गयी कार्यों को आधार बनाकर चुनाव लड़ा. वहीं कांग्रेस ने बेरोजगारी कुशासन , आर्थिक मंदी को मुद्दा बनाया. चूंकि कुछ महीनों के दरम्यान झारखंड में चुनाव होने हैं, इसलिए यह चुनाव अहम माना जा सकता है.
सुमन कुमार, रांची
