बैंक गारंटी की राशि बढ़े

पंजाब महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक (पीएमसी) घोटाले ने पूरे देश की जनता को झकझोर कर रख दिया है. उन्हें समझ नहीं आ रहा और विश्वास नहीं हो रहा कि कोई उनकी गाढ़ी कमाई इस तरह से कैसे लूट सकता है? इस घटना ने जनता का भरोसा बैंकिंग प्रणाली से उठा – सा दिया है. इस भरोसे […]

पंजाब महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक (पीएमसी) घोटाले ने पूरे देश की जनता को झकझोर कर रख दिया है. उन्हें समझ नहीं आ रहा और विश्वास नहीं हो रहा कि कोई उनकी गाढ़ी कमाई इस तरह से कैसे लूट सकता है?
इस घटना ने जनता का भरोसा बैंकिंग प्रणाली से उठा – सा दिया है. इस भरोसे को पुनः बहाल करने के लिए सरकार और रिजर्व बैंक दोनों को एक साथ आना चाहिए. जनता में यह विश्वास जागृत करने की आवश्यकता है कि उनका कमाया हुआ पैसा बैंकों में सुरक्षित है.
इसके लिए 1993 में बनाया गया नियम कि बैंकों में मात्र एक लाख रुपये तक की जमा राशि ही इंश्योर्ड है, नाकाफी है. 25 वर्षों के बाद भी इस नियम में बदलाव नहीं होना सरकारी कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाता है. पिछले 26 सालों में सोने की कीमत छह गुना बढ़ी है, तो क्या बैंक की गारंटी में इस अनुपात में इजाफा नहीं होना चाहिए?
संजय चंद, न्यू एरिया, हजारीबाग

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