स्कूली फर्जीवाड़े पर प्रहार!

स्कूल ही शिक्षा के असली मंदिर हैं, जिनके व्यापक और पारदर्शी सुधार के बिना आगे नहीं बढ़ा जा सकता. खबर है कि देश के सभी सरकारी, प्राइवेट और सहायता प्राप्त स्कूलों से फर्जीवाड़े को खत्म करने के लिए इन्हें जियो टैग से जोड़ा जायेगा. इसके लिए इनका व्यापक सर्वे होगा, ताकि इनका पूरा और सही […]

स्कूल ही शिक्षा के असली मंदिर हैं, जिनके व्यापक और पारदर्शी सुधार के बिना आगे नहीं बढ़ा जा सकता. खबर है कि देश के सभी सरकारी, प्राइवेट और सहायता प्राप्त स्कूलों से फर्जीवाड़े को खत्म करने के लिए इन्हें जियो टैग से जोड़ा जायेगा. इसके लिए इनका व्यापक सर्वे होगा, ताकि इनका पूरा और सही विवरण आसानी से मिल सके.
इस सर्वे में प्रत्येक स्कूल की भूमि का क्षेत्रफल, भवन का पूरा विवरण, खेल के मैदान, प्रयोगशालाएं, पेयजल, शौचालयों आदि सुविधाओं के साथ स्कूलों में छात्र -शिक्षक अनुपात, इनकी संख्या और विषय आदि के साथ प्रिंसिपल से चपरासी और चौकीदार तक सभी की योग्यता की पारदर्शी जांच, परीक्षा और उनके प्रमाण पत्रों का सही सत्यापन और संख्या आदि का पूरा रिकार्ड होना बहुत जरूरी है क्योंकि भ्रष्टाचार में हर क्षेत्र में फर्जीवाड़ा सारी हदें पार कर गया है. यदि वास्तव में ऐसा पारदर्शी सर्वे होता है तो इसमें उल्लेखनीय सुधार होगा.
वेद मामूरपुर, नरेला

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