सेंसेक्स से मांग नहीं बढ़ेगी

सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता है. आपको कड़ी मेहनत की सीढ़ियां लेनी ही होंगी. पिछले दो कारोबारी दिवस में शेयर बाजार करीब तीन हजार अंक की बढ़त पर बंद हुआ. जिसे कुछ लोग मंदी पर सटीक प्रहार के रूप में देखने लगे हैं. यह भी कहा जाने लगा कि इससे अर्थव्यवस्था में आयी […]

सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता है. आपको कड़ी मेहनत की सीढ़ियां लेनी ही होंगी. पिछले दो कारोबारी दिवस में शेयर बाजार करीब तीन हजार अंक की बढ़त पर बंद हुआ. जिसे कुछ लोग मंदी पर सटीक प्रहार के रूप में देखने लगे हैं.

यह भी कहा जाने लगा कि इससे अर्थव्यवस्था में आयी सुस्ती खत्म हो जायेगी. जबकि शेयर बाजार में उछाल से कभी देश की आर्थिक सेहत का पता नहीं चलता. यह उछाल सिर्फ कॉरपोरेट कर कटौती के कारण हुआ है और इसका लाभ कंपनियों को होगा. उनके पॉकेट में अतिरिक्त पैसा जायेगा. इससे कंपनी का प्रॉफिट अब बढ़ने लगेगा.
जबकि खुदरा बाजार में मांग की कमी में कोई फर्क नहीं पड़ा है. असंगठित क्षेत्र के कामगारों के पास काम ही नहीं है. किसान बेहाल है. गांव और छोटे कस्बों में रहने वाली आबादी के पास क्रय शक्ति ही खत्म हो चुकी है. ऐसे में मंदी से निपटने का यह उपाय अपर्याप्त है.
जंग बहादुर सिंह, गोलपहाड़ी, जमशेदपुर

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