अमेरिका तालिबान वार्ता

समाचार आया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने तालिबान के साथ आगे कोई वार्तालाप करने से मना कर दिया है. यह तो होना ही था. जो हुआ अच्छा हुआ, क्योंकि अब तक नौ दौर की बातचीत कतर में हो चुकी थी. अंतिम समझौते की तरफ ये लोग बढ़ रहे थे. रविवार को कैंप डेविड में अमेरिका […]

समाचार आया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने तालिबान के साथ आगे कोई वार्तालाप करने से मना कर दिया है. यह तो होना ही था. जो हुआ अच्छा हुआ, क्योंकि अब तक नौ दौर की बातचीत कतर में हो चुकी थी. अंतिम समझौते की तरफ ये लोग बढ़ रहे थे.

रविवार को कैंप डेविड में अमेरिका तथा अफगानिस्तान के राष्ट्रपति तथा तालिबान के सदस्यों के साथ गुपचुप बातचीत तय थी, जिसे अंतिम समय पर रद्द कर दिया गया. ऐसा लगता है यह अमेरिका की तरफ से भूल सुधार किया गया है. 2001 से अब तक उसने अपने 2300 सैनिकों को उस युद्ध में खो दिया है.
फिर भी मारने वालों के साथ शांति समझौता करना, यह किसी के गले नहीं उतर रहा था. जब काबुल में कार बम धमाके में एक अमेरिकी सैनिक की जान गयी, तब जाकर राष्ट्रपति ट्रंप के होश ठिकाने आये. अभी उनलोगों का काम अधूरा है. अभी अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान में एक साल और रहेंगे.
जंग बहादुर सिंह, गोलपहाड़ी, जमशेदपुर

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