सभी शहीदों को मिले सम्मान

देश की सीमाओं की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा में लगे सैनिक, अर्धसैनिक बल और पुलिस के जवान अलग-अलग मोर्चों पर शहीद हो रहे हैं, मगर शहीद का दर्जा सिर्फ सेना के जवानों को प्राप्त हो रहा है, अन्य को नहीं. शहादत तो सभी सुरक्षा बलों की एक जैसी है. सब में समर्पण और त्याग की […]

देश की सीमाओं की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा में लगे सैनिक, अर्धसैनिक बल और पुलिस के जवान अलग-अलग मोर्चों पर शहीद हो रहे हैं, मगर शहीद का दर्जा सिर्फ सेना के जवानों को प्राप्त हो रहा है, अन्य को नहीं. शहादत तो सभी सुरक्षा बलों की एक जैसी है. सब में समर्पण और त्याग की मिसाल एक जैसी है. फिर यह अंतर क्यों और कैसे? यह अन्याय व अमानवीय है.

मोदी सरकार से जनता को आशा है कि वह तुरंत इस भेद को समाप्त कर एक मिसाल कायम करे. यह सच है कि किसी वस्तु या राहत से शहादत को तौला नहीं जा सकता, लेकिन शहीद के प्रति यह बड़ा सम्मान हो है. आशा है सरकार जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठायेगी.
वेद मामूरपुर ,नरेला

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