जल संरक्षण के लिए ठोस नीति बनाने की जरूरत

बक्सर जिले का ब्रह्मपुर प्रखंड आज भी मूलभूत संसाधनों का दंश झेल रहा है. किसान जल संकट से जूझ रहे हैं, तो युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं. बेरोजगारी का ऐसा आलम है कि इस समय अहले सुबह तीन बजे से ही युवा पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए सड़कों पर शारीरिक अभ्यास […]

बक्सर जिले का ब्रह्मपुर प्रखंड आज भी मूलभूत संसाधनों का दंश झेल रहा है. किसान जल संकट से जूझ रहे हैं, तो युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं. बेरोजगारी का ऐसा आलम है कि इस समय अहले सुबह तीन बजे से ही युवा पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए सड़कों पर शारीरिक अभ्यास करते नजर आते हैं. दियारा क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई में राहत देने वाला एकमात्र भागर अब सूखने की कगार पर पहुंच चुका है.
सरकारी योजनाओं का कार्यान्वयन पंचायतों में ठीक से नहीं हुआ है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली हमेशा निराशाजनक रही है. यही वजह है कि गांवों की 30 फीसदी से ज्यादा की आबादी कोलकाता, दिल्ली, सूरत जैसे कई औद्योगिक शहरों की ओर पलायन कर चुकी है.
तेजनारायण राय, परनही (बक्सर)

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