इंडिया बनाम भारत

26 दिसंबर को ग्रेटर नोएडा की एक ऐसी घटना के विषय में खबर मिली, जिसमें कार में लगी आग में जिंदा जलते इंजीनियर को बचाने के लिए वहां जुटी भीड़ से कोई भी सामने नहीं आया, बल्कि लोग जिंदा जलते आदमी का वीडियो बनाते रहे. इस हृदयविदारक खबर ने तथाकथित आधुनिक, स्मार्ट, संपन्न, उच्च शिक्षित […]

26 दिसंबर को ग्रेटर नोएडा की एक ऐसी घटना के विषय में खबर मिली, जिसमें कार में लगी आग में जिंदा जलते इंजीनियर को बचाने के लिए वहां जुटी भीड़ से कोई भी सामने नहीं आया, बल्कि लोग जिंदा जलते आदमी का वीडियो बनाते रहे.
इस हृदयविदारक खबर ने तथाकथित आधुनिक, स्मार्ट, संपन्न, उच्च शिक्षित इंडिया और दूसरी तरफ थोड़ा कम पढ़ा-लिखा या अशिक्षित ग्रामीण भारत में अंतर स्पष्ट कर दिया. इंडिया के पढ़े-लिखे लोगों की असहिष्णुता, बेगानापन और मानवता को तार-तार करनेवाले व्यवहार को देखकर हृदय कराह उठा.
वहीं, दूसरी तरफ ग्रेटर नोएडा से ही सटे दिल्ली के मीठापुर नामक जगह पर एक साधारण, कम पढ़ा-लिखा, गरीब ऑटोचालक यह देखते ही कि नहर में एक औरत आत्महत्या करने हेतु अपने बच्चे को गोद में लिये छलांग लगा दी है, उसने बिना वक्त गंवाये नहर में छलांग लगा दी और मां-बेटे की जान बचाने में सफल रहा, लेकिन स्वयं को नहीं बचा पाया. दोनों घटनाएं दो तरह के समाज के अंतर को बताती है कि हम कहां से कहां जा रहे हैं?
निर्मल कुमार शर्मा, गाजियाबाद

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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