अभी बहुत क्रिकेट बचा है धौनी में

बीसीसीआइ के नादिर शाही रवैये ने क्रिकेट के प्रशंसकों को स्तब्ध व दुखी कर दिया है. वे भूल रहे हैं कि जिस धौनी को ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए बाहर किया गया है, उसी धौनी के अपनी करिश्माई कप्तानी व शानदार खेल की बदौलत भारत ने पहला टी 20 विश्वकप जीतने का गौरव हासिल किया था. […]

बीसीसीआइ के नादिर शाही रवैये ने क्रिकेट के प्रशंसकों को स्तब्ध व दुखी कर दिया है. वे भूल रहे हैं कि जिस धौनी को ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए बाहर किया गया है, उसी धौनी के अपनी करिश्माई कप्तानी व शानदार खेल की बदौलत भारत ने पहला टी 20 विश्वकप जीतने का गौरव हासिल किया था.
बीसीसीआइ चयन समिति में ऐसा एक भी नहीं जो महेंद्र सिंह धौनी के कद की बराबरी का रहा हो. धौनी के बराबरी का कोई भी खिलाड़ी शायद ही भारत भूमि पर हो. आगे कोई होगा यह तो भविष्य के गर्भ में है. उन्होंने क्रिकेट की तमाम ऊंचाइयों को अपने बल पर छुआ. छोटे शहर से शिखर तक पहुंच कर असंख्य युवाओं के प्रेरणास्रोत बने हैं.
उनकी चुस्ती, जुझारू व समर्पण से स्पष्ट है कि उनमेंं अभी ढेरों क्रिकेट बाकी है. बीसीसीआइ को निर्णय पर पुनः विचार करते हुए धौनी को टी20 क्रिकेट विश्व कप तक खेलने देना चाहिए. उनके अनुभव का लाभ अवश्य ही भारत को मिलेगा.
संतोष सिन्हा, गोला रोड, रामगढ़

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