दिल्ली से सबक लेने की जरूरत

सुप्रीम कोर्ट ने दीवाली पर पटाखों को जलाने का समय निर्धारित कर दिया है. दिल्ली की हवा का स्तर बहुत ही खराब हो गया है. जो काम हमें करना चाहिए था, वह कोर्ट के आदेश से हो रहा है. ऐसा नहीं है कि प्रदूषण केवल दिल्ली में ही है. हां, वहां तुलनात्मक रूप से बहुत […]

सुप्रीम कोर्ट ने दीवाली पर पटाखों को जलाने का समय निर्धारित कर दिया है. दिल्ली की हवा का स्तर बहुत ही खराब हो गया है. जो काम हमें करना चाहिए था, वह कोर्ट के आदेश से हो रहा है. ऐसा नहीं है कि प्रदूषण केवल दिल्ली में ही है. हां, वहां तुलनात्मक रूप से बहुत ज्यादा ही है.
भारत के दूसरे शहरों में भी वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है. प्रदूषण कहीं भी हो, खतरनाक तो होता ही है. राज्य सरकारों को चाहिए कि वे इस मामले को गंभीरता से लें. प्रदूषण नियंत्रण पर सरकार द्वारा उठाये गये कदमों के साथ हम सभी को चलना चाहिए, क्योंकि यह हम सबके भले के लिए ही है.
हमारे सहयोग से ही सरकार के कार्यक्रम की सफलता संभव है. सभी राजनीतिक पार्टियों को भी आपसी मतभेद भूल कर आम जनता के बारे में सोचना चाहिए. दिल्ली की वर्तमान स्थिति से सभी को सबक लेना चाहिए और अपने शहर को दूसरा दिल्ली न बनने दें.
सीमा साही, बोकारो

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