शहनाई वादन को बढ़ावा

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार 2006 से युवा कलाकारों को प्रदान किया जाता है, परंतु अक्सर देखा गया है कि यह पुरस्कार केवल घरानेदार संगीतकारों की संतानों को या बड़े संगीतकारों की संतान या उनके करीबी युवा कलाकारों को ही दिया जाता रहा है. शहनाई वादन के क्षेत्र में एक मात्र पुरस्कार 2009 में अश्वनी […]

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार 2006 से युवा कलाकारों को प्रदान किया जाता है, परंतु अक्सर देखा गया है कि यह पुरस्कार केवल घरानेदार संगीतकारों की संतानों को या बड़े संगीतकारों की संतान या उनके करीबी युवा कलाकारों को ही दिया जाता रहा है.

शहनाई वादन के क्षेत्र में एक मात्र पुरस्कार 2009 में अश्वनी शंकर जी को ही दिया गया, जो विश्वविख्यात शहनाई वादक पंडित अनंतलाल जी के पौत्र व पंडित दयाशंकर जी के सुपुत्र है. बहुत ही दुखद है कि इस पुरस्कार के लिए लगभग 10 साल बाद भी संगीत नाटक अकादमी एवं उसके सदस्यों को कोई भी युवा शहनाई वादक नहीं दिखाई पड़ रहा है.

यह शहनाई जैसे वाद्य और युवा शहनाई वादकों, जो कि घरानेदार नहीं हैं, को समाप्त करने की राजनीति प्रतीत होती है. उस्ताद बिस्मिल्लाह खान साहेब शहनाई को शादी के मंडप से शास्त्रीय संगीत के मंच पर लाये. ऐसा ही रवैया रहा, तो यह कला फिर से वहीं विलुप्त हो जायेगी.

प्रभात कुमार, सरायकेला खरसावां

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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