कड़े कानून की जरूरत

देशभर में यौन हिंसा की घटनाओं में तेजी आ गयी है. छोटी बच्चियों को निशाना बनाया जा रहा है. बेटिया कहीं भी सुरक्षित नहीं है. उन दरिंदो को क्या थोड़ी-सी भी शर्म महसूस नहीं होती है? उन दरिंदो के घर वालों से अनुरोध है कि वे अपने अस्तिव को पहचाने और अपने पिता और भाई, […]

देशभर में यौन हिंसा की घटनाओं में तेजी आ गयी है. छोटी बच्चियों को निशाना बनाया जा रहा है. बेटिया कहीं भी सुरक्षित नहीं है. उन दरिंदो को क्या थोड़ी-सी भी शर्म महसूस नहीं होती है?
उन दरिंदो के घर वालों से अनुरोध है कि वे अपने अस्तिव को पहचाने और अपने पिता और भाई, जो भी इस घिनौने अपराध में शामिल हैं, उनके चेहरे पर कालिख पोत कर उन्हें घरों से निकाल दें. तभी समाज में कुछ परिवर्तन आयेगा, नहीं तो ये दरिंदे, जो आज दूसरों की बेटियों को अपना निशाना बना रहे हैं, कल को अपने ही बेटियों को शिकार बना सकते हैं.
केंद्र सरकार को चाहिए कि अपने पुराने कानून को बदलकर एक नया कानून पास करे. इस तरह के सभी केसों की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो. आरोप सिद्ध होने पर मौत की सजा दी जाये.
मंजू लता सिंह, कोकर

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