प्रदूषण की चुनौती

मौसम व पराली के धुएं के कारण दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति अति गंभीर बनी हुई है. हर तरह का प्रदूषण विश्व के हर देश के लिए एक कठिन चुनौती बन कर सामने खड़ी है. यह चुनौती जानलेवा होने के कारण इसकी गहराई का अंदाजा लगाया जा सकता है. तेजी से प्रगति करने के […]

मौसम व पराली के धुएं के कारण दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति अति गंभीर बनी हुई है. हर तरह का प्रदूषण विश्व के हर देश के लिए एक कठिन चुनौती बन कर सामने खड़ी है.
यह चुनौती जानलेवा होने के कारण इसकी गहराई का अंदाजा लगाया जा सकता है. तेजी से प्रगति करने के लिए प्रदूषण के नियमों को कुचला गया और वहीं प्रदूषण कई सालों से इंसान की जिंदगी के लिए बड़ा खतरा बन चुका है. आज तक सिर्फ प्रगति करने के लिए जरूरी बातों पर ध्यान दिया गया है.
प्रदूषण को काबू में रखना है, तो उसके लिए क्या करना चाहिए, उसका अभ्यास शुरू कर उसे क्रियात्मकता से जोड़ा जाना चाहिए. बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए कुछ दिनों तक प्रदूषण फैलाने वाली चीजों पर रोक लगाना एक अस्थायी समाधान है. इस गंभीर विषय से निबटने के लिए स्थायी समाधान आवश्यक है. सरकार को एनजीओ व आम जनता से मिलकर इस विपत्ति से लड़ना होगा.
अर्पिता पाठक, इमेल से

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >