विकास का शाब्दिक अर्थ

विकास को दो नजरिये से देखा जाता है. एक जनता की नजर से और दूसरा राजनीतिक दलों की नजर से. जनता विकास का मतलब रोटी, कपड़ा और मकान समझती है, जबकि राजनीतिक दल कंक्रीट के महलों और सड़कों के जाल को विकास कहते हैं. सिमडेगा में बच्ची की भूख से हुई मौत के मामले की […]

विकास को दो नजरिये से देखा जाता है. एक जनता की नजर से और दूसरा राजनीतिक दलों की नजर से. जनता विकास का मतलब रोटी, कपड़ा और मकान समझती है, जबकि राजनीतिक दल कंक्रीट के महलों और सड़कों के जाल को विकास कहते हैं. सिमडेगा में बच्ची की भूख से हुई मौत के मामले की लीपापोती हो रही है. अगर उसकी मौत बीमारी से हुई है, तो भी सरकार जिम्मेदार है.
करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी जनता को स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ क्यों हो रही है? कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार अनिवार्य है, तो पंचायतें लोगों का आधार कार्ड बनवाएं. सरकार को चाहिए कि इन संवेदनशील मामलों में सहानुभूतिपूर्वक फैसला ले, ताकि भविष्य में कोई गरीब या किसान असमय काल कवलित न हो.
धीरज कुमार, रांची

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >