Yes Bank Crisis : क्या मानसिक तौर पर बीमार हैं राणा कपूर ? आंखों में आंसू लिये कही ये बात

yes bank : यस बैंक के फाउंडर और पूर्व सीईओ राणा कपूर ने खुद को मनोरोगी बताया है. जब उन्हें कोर्ट के समक्ष पेश किया तो उनकी आंखों में आंसू थे.

यस बैंक (YES Bank) पर संकट के बादल गहराने के बाद फाउंडर और पूर्व सीईओ राणा कपूर की मुश्‍किलें बढ़ती ही जा रहीं हैं. शिकंजा कपूर परिवार पर भी कसता जा रहा है. रविवार को राणा कपूर को कोर्ट के समक्ष पेश किया जिसके बाद उन्हें 11 मार्च तक के लिए प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की हिरासत में भेज दिया गया है. इडी ने इससे पहले उनसे 30 घंटे लगातार पूछताछ की.

कोर्ट के समक्ष जब राणा कपूर को पेश किया गया तो वे टूट गये और उनकी आंखों में आंसू भर आये. इस वक्त उनके साथ पत्नी बिंदु भी नजर आयीं. इस दौरान सवालों से घिरे राणा कपूर इतने टूट गये कि उन्होंने खुद को लाचार तक बता दिया. राणा कपूर ने कहा कि मैं बीमार से गुजर रहा हूं, साथ ही मेरा मानसिक इलाज भी चल रहा है. मैं शहर के बेहतरीन मनोरोग विशेषज्ञ की देख रेख में हूं. आगे राणा ने कहा कि जब में मैने अपने बच्चे को खोया है मैं मानसिक रूप से बीमार हो गया हूं.

राणा कपूर ने कोर्ट में कहा कि मैं देश छोड़कर भागने वाला नहीं हूं. मैं अपना पासपोर्ट एक बार फिर जमा करावा सकता हूं. मैं मेरी पत्नी और बेटियों की कसम खाकर कहता हूं कि आगे मैं पूरा सहयोग करूंगा. गौर हो कि यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर को इडी घंटों पूछताछ के बाद रविवार तड़के गिरफ्तार कर लिया था. इडी ने उन्हें मुंबई के पीएमएलए कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें पूछताछ के लिए 11 मार्च तक इडी की कस्टडी में भेज दिया गया. उन पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस है.

अधिकारियों के मुताबिक उन्हें जांच में सहयोग नहीं करने पर गिरफ्तार किया गया. इडी ने उनके आवास पर शुक्रवार रात को छापा मारा था. शनिवार की सुबह पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था. यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब इस निजी बैंक में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आये हैं.

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Author: Amitabh Kumar

Published by: Prabhat Khabar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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