महिलाओं के लिए खुशखबरी, परिसीमन से पहले ही सरकार आधी आबादी को दे सकती है  33% आरक्षण

Women Reservation : मोदी सरकार ने 2023 में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था. हालांकि इस कानून को परिसीमन की प्रक्रिया के बाद ही लागू किया जा सकता है. परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों की संख्या वर्तमान 543 से बढ़कर 816 हो जाएगी, जिसमें 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. अब ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि सरकार इस कानून को परिसीमन से पहले ही लागू करने के लिए संशोधन विधेयक लाने जा रही है.

Women Reservation : नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को सरकार जल्दी ही लागू करना चाहती है, ताकि 2029 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं की भागीदारी बढ़ें. सरकार की इस योजना से महिला सांसद खुश हैं और उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस योजना को लागू करती है, तो शासन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी.

राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी

पीटीआई न्यूज एजेंसी से बात करते हुए जनता दल (यू) की सांसद लवली आनंद ने कहा कि यह स्वागतयोग्य कदम है और इससे राजनीति में महिलाओं की अधिक भागीदारी होगी और देश प्रगति की ओर तेजी से जाएगा. उन्होंने संसद भवन परिसर में मीडिया से कहा कि जब महिलाएं आगे आएंगी, तभी देश प्रगति करेगा. पुरुष और महिलाएं एक गाड़ी के दो पहियों की तरह हैं. प्रधानमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री दोनों ने महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में काम किया है.

भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि महिला आरक्षण कानून के पारित होने से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की ‘आधी आबादी’ से किया गया एक पुराना वादा पूरा हो गया है. सहरावत ने कहा, ‘इस देश में कई लोगों ने महिलाओं के बारे में बात की है, लेकिन नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाने का प्रयास और ऐसा करने में सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री को जाता है.

विपक्ष की मांग, आरक्षण के मानदंड तय किए जाएं

समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने भी इस पहल का स्वागत किया, लेकिन कहा कि आरक्षण कैसे लागू किया जाएगा, इस पर स्पष्टता की जरूरत है. उन्होंने कहा, यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हमारे देश में महिलाओं के लिए आरक्षण हो, लेकिन इसे कैसे लागू किया जाएगा, आरक्षण के मानदंड क्या होंगे, यह सब देखने की जरूरत है. 

सूत्रों के हवाले से ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि कि सरकार यह चाहती है कि वह लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के लिए परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने से पहले महिला आरक्षण कानून लागू कर दे, ताकि आगामी चुनावों में महिलाओं का इसका लाभ मिल सके. गृह मंत्री इसके लिए एनडीए के नेताओं के साथ बैठक करके उनमें आम सहमति बना रहे हैं, अगर सहमति बन गई तो संशोधन विधेयक इस सप्ताह लाए जा सकते हैं. विपक्षी दलों ने सरकार से मांग की है कि अगले महीने विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद महिला आरक्षण कानून पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए, ताकि इसे लागू कैसे किया जाएगा इसपर बात हो सके.

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लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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