क्यों विवादों में हैं पंडित धीरेंद्र शास्त्री ? बागेश्वर धाम सरकार में किसकी होती है पूजा

अंधविश्वास का आरोप लगने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, मैं कोई अंधविश्वास नहीं फैला रहा. मैं कभी यह नहीं कहता कि मैं भगवान हूं. उन्होंने संविधान का हवाला दिया और कहा, अनुच्छेद 25 के तहत उन्हें धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है. इसी के तहत वह अपने धर्म का प्रचार कर रहे हैं.

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों काफी चर्चा में हैं. उन पर अंधविश्वास को बढ़ाने और फैलाने का आरोप लग रहा है. उनके खिलाफ पुलिस में भी शिकायत की गयी है. इधर भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय धीरेंद्र शास्त्री के पक्ष में खड़े हो गये हैं.

दरगाह पर क्यों नहीं उठाया जाता सवाल : विजयवर्गीय

कैलाश विजयवर्गीय ने धीरेंद्र शास्त्री का समर्थन करते हुए कहा, मैंने एक इंटरव्यू देख रहा था, जिसमें शास्त्री कह रहे थे कि चमत्कार उनका नहीं है, बल्कि उनके इष्ट देव का है. मैं हनुमानजी और संन्यासियों पर पुरा भरोसा है. मैं कुछ नहीं बल्कि छोटा सा साधक हूं. बाबा के बयान पर विजयवर्गीय ने कहा, धीरेंद्र शास्त्री पर आरोप लगाना गलत है. सनातन धर्म में उनके जैसे कई लोग हैं. भाजपा महासचिव ने आगे कहा, लोग दरगाह पर सवाल क्यों नहीं उठाते हैं. वहां तो लोगों को पीटा जाता है, लोग जमीन पर लोटते हैं, लेकिन उनपर कोई सवाल नहीं उठाता.

कोई अंधविश्वास नहीं कर रहे : शास्त्री

अंधविश्वास का आरोप लगने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, मैं कोई अंधविश्वास नहीं फैला रहा. मैं कभी यह नहीं कहता कि मैं भगवान हूं. उन्होंने संविधान का हवाला दिया और कहा, अनुच्छेद 25 के तहत उन्हें धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है. इसी के तहत वह अपने धर्म का प्रचार कर रहे हैं.

Also Read: Jharkhand News: आदिम जनजातियों को खत्म कर रहा है अंधविश्वास, दैविक प्रकोप मान गांव छोड़ रहे सबर परिवार

अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति ने बाबा धीरेंद्र शास्त्री पर उठाया सवाल

बागेश्वर धाम वाले बाबा धीरेंद्र शास्त्री पर अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति ने अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया है. समिति ने बाबा पर जादू-टोना और अंधश्रद्धा फैलाने का आरोप लगाया. समिति के अध्यक्ष श्याम मानव ने कहा, दिव्य दरबार और प्रेत दरबार के नाम पर धीरेंद्र शास्त्री जादू-टोना को बढ़ावा दे रहे हैं. उन्होंने बाबा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, धर्म के नाम पर धीरेंद्र शास्त्री लोगों को लूटने की कोशिश में लगे हैं. समिति ने यह भी कहा कि जब बाबा पर आरोप लगाये गये, तो अपनी सभा छोड़कर भाग गये. दरअसल महाराष्ट्र के नागपुर में धीरेंद्र शास्त्री ने श्रीराम चरित्र-चर्चा का आयोजन किया था.

क्यों विवादों में हैं धीरेंद्र शास्त्री

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सबसे पहले उस समय विवादों में आये जब उन्होंने 18 जनवरी को रायपुर में धर्मांतरण को लेकर बयान दिया था. उन्होंने उस समय कहा था कि जहां-जहां धर्मांतरण हो रहा है वो वहां रामकथा सुनाने जा रहे हैं. शास्त्री के इस बयान के बाद राजनीति भी शुरू हो गयी, तो उनके खिलाफ अंध विश्वास भी फैलाने का आरोप लगने लगा.

क्यों फेमस है बागेश्वर धाम सरकार

मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक तीर्थ स्थल है, जिसे बागेश्वर धाम सरकार के नाम से जाना जाता है. यहां बाला जी की पूजा होती है. यहां बागेश्वर धाम महाराज के दर्शन के लिए कोने-कोने से लोग आते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >