जानें कौन हैं 'कुमारी आंटी' जिनके फूड स्टॉल को बचाने के लिए खुद सामने आए तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी

'कुमारी आंटी' की चर्चा सोशल मीडिया पर जोरों पर होती है. उनके फूड स्टॉल को हटाने के बात जब तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी के कानों तक पहुंची तो वे खुद सामने आए और पुलिस वालों को आदेश जारी किया. जानें पूरा मामला

‘कुमारी आंटी’ (Kumari Aunty) शायद यह नाम आपने सुना होगा. जी हां…उनको लेकर एक खबर आ रही है. दरअसल, हैदराबाद पुलिस द्वारा सोशल मीडिया स्टार ‘कुमारी आंटी’ को अपना फूड स्टॉल बंद करने का आदेश दिया गया. इसके बाद, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी एक्शन में आए और उन्होंने बुधवार को डीजीपी और शहरी विकास मंत्रालय को अपना फैसला रद्द करने का निर्देश दिया. खबरों की मानें तो हैदराबाद के माधापुर में रैदुराम ट्रैफिक पुलिस ने यातायात की भीड़ को कम करने के लिए मंगलवार को उनका स्टॉल बंद कर दिया. यही नहीं ‘कुमारी आंटी’ को स्टॉल किसी अन्य स्थान पर ले जाने को कहा.

कौन हैं ‘कुमारी आंटी’

‘कुमारी आंटी’ की बात करें तो उन्होंने पिछले दो महीनों में इंस्टाग्राम पर धूम मचा रखी है. माधापुर में आईटीसी कोहेनूर जंक्शन के पास उनका स्टॉल है जहां भारी भीड़ खाना खाने के लिए जमा होती है. उनके स्टॉल में चावल, चिकन और मटन करी लोगों को खाने के लिए मिलता है. भीड़ की वजह से कई लोगों को परेशानी होती थी. इस बाबत शिकायत पुलिस में की गई जिसके बाद ‘कुमारी आंटी’ को स्टॉल हटाने के लिए कहा गया था.

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कैसे शुरू हुई राजनीति

यह मुद्दा तब राजनीतिक विवाद में बदल गया जब आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ वाईएसआरसीपी सरकार ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता नारा चंद्रबाबू नायडू और जन सेना पार्टी प्रमुख पवन कल्याण फूड स्टॉल को बंद करने में शामिल थे. वाईएसआरसीपी की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया गया कि यह घटना तब हुई जब जगन रेड्डी सरकार ने ‘कुमारी आंटी’ फूड स्टॉल की मालिक साई कुमारी को एक घर सौंप दिया.

‘कुमारी आंटी’ की चर्चा सोशल मीडिया पर होती है

आपको बता दें कि ‘कुमारी आंटी’ की चर्चा सोशल मीडिया पर जोरों से की जाती है. कई यूजर उनकी तुलना फिल्म स्टार से करते नजर आते हैं.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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