सिरसा ने कहा, जब दूसरे राज्यों में पेपर लीक पर राजनीति की जाती है, तो पंजाब में ऐसे मामलों पर राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस का इस्तीफा क्यों नहीं मांगा जा रहा?
"मासूम बच्चों के कंधों पर बंदूक रखकर राजनीति करने वाली आम आदमी पार्टी आज पूरे देश के सवालों के घेरे में है. पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा देंगे? कल तक मनीष सिसोदिया नैतिकता के नाम पर झूठे नारे लगा रहे थे, लेकिन आज पंजाब के लीक सिस्टम पर चुपचाप बैठे हैं. आखिर क्यों?" - मनजिंदर सिंह सिरसा
सिरसा ने मनीष सिसोदिया के पुराने बयानों की दिलाई याद
सिरसा ने कहा, मनीष सिसोदिया जी ने 18 जुलाई को प्रदर्शन में कहा था कि पंजाब में पेपर लीक होने पर वे मंत्री को हटा देंगे. इसके ठीक अगले दिन, 19 तारीख को ही फार्मेसी का पेपर लीक हो गया, जिसमें लाखों रुपए देकर आंसर शीट तैयार कराने का आरोप है. अब जब इस्तीफा देने की बारी आई है, तो कहां हैं वो लोग! आम आदमी पार्टी बच्चों के कंधों पर रखकर बंदूक चला रही थी. उन्होंने बच्चों के नाम पर गंदी राजनीति की, और अब जब इंसाफ देने का समय आया है, तो उनके दोहरे चेहरे सबके सामने हैं.
कांग्रेस ने भी खोला मोर्चा, मांगी हरजोत बैंस की बर्खास्तगी
इससे पहले शनिवार को पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने भी इस मुद्दे पर राज्य सरकार और शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस को आड़े हाथों लिया. बैंस के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए वडिंग ने कहा कि पंजाब में बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं और इसके लिए किसी की जवाबदेही तय नहीं की जा रही. वडिंग ने सोशल मीडिया पर लिखा, "पंजाब के छात्र कब तक पीड़ित होते रहेंगे? हरजोत बैंस को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और पंजाब के युवाओं के भविष्य को खतरे में डालने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए." उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय स्तर पर जवाबदेही तय करने के बाद अब न्याय की यह लड़ाई पंजाब के युवाओं के हक के लिए जारी रहेगी.
