कांग्रेस का चीन के साथ क्या रिश्ता है ? राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी ने किया जोरदार हमला

बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने 'द कश्मीर फाइल्स' को राष्ट्रीय पुरस्कार दिए जाने की विपक्ष द्वारा आलोचना किए जाने का भी मजाक उड़ाया. यह फिल्म एक व्यावसायिक ब्लॉकबस्टर थी, जिसमें कश्मीरी पंडितों के पलायन को दर्शाया गया था लेकिन मुसलमानों के चित्रण के लिए इसकी आलोचना भी की गई थी.

बीजेपी ने शुक्रवार को कारगिल में राहुल गांधी के बयान की निंदा की और कांग्रेस नेता पर जोरदार हमला किया. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के बयान ‘चीन ने भारत की जमीन ले ली है’, का जवाब बीजेपी ने दिया और पूछा कि कांग्रेस का चीन के साथ क्या रिश्ता है. राहुल गांधी के आरोप को बीजेपी ने निराधार और बेतुका बताते हुए खारिज कर दिया. पार्टी ने जोर देकर कहा कि यह विपक्षी पार्टी है जिसने चीन के मामलों में ‘ऐतिहासिक, अक्षम्य अपराध’ किया है.

बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के चुनिंदा कार्यों का हवाला दिया और कहा कि उनकी सरकार ने 1952 में चीनी सेना के उपभोग के लिए 3,500 टन से अधिक चावल भेजने का काम किया था. उन्होंने कांग्रेस से मांग की कि जब यूपीए की सरकार सत्ता में थी तो उस दौरान चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ हुए कथित समझौते का ब्योरा उसे जारी करना चाहिए.

कांग्रेस ने ‘ऐतिहासिक और अक्षम्य’ अपराध किया

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि जब चीन के साथ भारत के संबंध तनावपूर्ण होने लगे थे तब चीनी सेना के लिए चावल भेजने का फैसला कोई गलती नहीं थी बल्कि एक ‘ऐतिहासिक और अक्षम्य’ अपराध था. राहुल गांधी को चीन के बारे में आधारहीन और बेतुकी टिप्पणी करने की आदत सी हो चुकी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भारत, उसके लोगों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर इसी तरह की टिप्पणी करते रहे हैं.

राहुल गांधी ने चीनी राजदूत से की थी मुलाकात

आगे त्रिवेदी ने कहा कि डोकलाम संकट के दौरान राहुल गांधी ने चीनी राजदूत से मुलाकात की थी. बीजेपी नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने भारत के सैन्य, राजनयिक और आर्थिक मामलों से निपटने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है. विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने हमेशा देश को कमजोर करने का प्रयास किया है. विपक्षी पार्टी को बीजेपी से सीखना चाहिए जिसने संकट के दौरान तत्कालीन सरकारों का समर्थन किया, चाहे वह पाकिस्तान हो या चीन…

Also Read: कारगिल में बोले राहुल गांधी -चीन ने भारत की जमीन पर कब्जा किया है, लेकिन पीएम मोदी इससे इनकार कर रहे

बीजेपी नेता ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान को सजा देने से इनकार कर दिया क्योंकि उसे लगा कि इससे शांति वार्ता को नुकसान होगा, जबकि प्रधानमंत्री मोदी की नीति यह है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते. उन्होंने कहा कि आज शांति और सुरक्षा का माहौल है जबकि यूपीए के शासनकाल में आतंकवादी विस्फोट नियमित रूप से होते थे.

क्या कहा राहुल गांधी ने

यहां चर्चा कर दें कि सीमा का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को करगिल में एक जनसभा में कहा था कि लद्दाख में हर व्यक्ति जानता है कि चीन ने ‘हमारी जमीन छीन’ ली है. उन्होंने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दावा ‘पूरी तरह गलत’ है कि एक इंच भी जमीन नहीं छीनी गयी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >