West Bengal News पश्चिम बंगाल में निकाय चुनाव को लेकर प्रदेश में सियासत गरमाने लगी है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करने का आरोप लगा रही है. 12 फरवरी को बिधाननगर निगम के प्रस्तावित चुनाव के पहले बीजेपी ने पार्टी कार्यालय तोड़ने और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट का आरोप लगाया. इसी के मद्देनजर सोमवार को दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के नेतृत्व में बीजेपी समर्थकों ने बिधाननगर कमिश्नरेट का घेराव किया.
टीएमसी कार्यकर्ताओं पर बीजेपी का आरोप
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट में बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की एक रैली का नेतृत्व किया और दावा किया कि पार्टी उम्मीदवारों को बिधाननगर में निकाय चुनावों के लिए प्रचार करने की अनुमति नहीं दी जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा पार्टी के पोस्टर और बैनर फाड़ दिए गए हैं.
अब तक नहीं हुई गिरफ्तारी
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इस घटना को हुए 8 दिन हो चुके हैं, लेकिन किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस पर सत्ताधारी दल की ओर से अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का दबाव है. नंदीग्राम से विधायक अधिकारी ने कहा कि राज्य में आपातकाल जैसी स्थिति बनी हुई है. उन्होंने कहा कि राज्यपाल जगदीप धनखड़ अपने इस दावे में सही है कि बंगाल लोकतंत्र का गैस चैंबर बनता जा रहा है. उन्होंने उन लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की जिन्होंने भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ की थी.
निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग
विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आसनसोल, सिलीगुड़ी और चंदननगर में 12 फरवरी को होने वाले बिधाननगर नगर निगम चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराये जाने की भी मांग की. उन्होंने कहा कि भाजपा ने सोमवार को कलकत्ता हाई कोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर कर बिधाननगर निकाय चुनावों के लिए केंद्रीय बल की तैनाती का भी अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है, हमारी याचिका पर सुनवाई 9 फरवरी को होगी.
Also Read: BJP नेता बोले, महिलाओं का प्रियंका गांधी से सवाल- UP में 40 फीसदी सीटें, Goa में 1 प्रतिशत भी नहीं?
