Waqf Board: वक्फ बोर्ड में संशोधन की खबर से भड़के असदुद्दीन ओवैसी, मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

Waqf Board: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने वक्फ बोर्ड में संशोधन को मंजूरी दे दी है. हालांकि इसकी आधिकारित घोषणा अभी तक नहीं हुई है. यह खबर मीडिया रिपोर्ट के हवाले से आ रही है. वक्फ बोर्ड में संशोधन की खबर से अलग-अलग रिएक्शन भी आने लगे हैं.

Waqf Board: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर नियंत्रण के लिए विधेयक ला सकती है. इस पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर बड़ा हमला किया है. उन्होंने कहा, जब संसद सत्र चल रहा है, तो केंद्र सरकार संसदीय सर्वोच्चता और विशेषाधिकारों के खिलाफ काम करते हुए पहले मीडिया को सूचित करती है, लेकिन संसद को सूचित नहीं करती है.

मोदी सरकार वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता को खत्म करना चाहती है

मीडिया में जो खबर चल रही है, उसके अनुसार मैं प्रस्तावित संशोधन के बारे में कह सकता हूं कि नरेंद्र मोदी सरकार वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता को खत्म करना चाहती है और इसमें हस्तक्षेप करना चाहती है. यह अपने आप में धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है. दूसरी बात यह है कि भाजपा शुरू से ही इन बोर्डों और वक्फ संपत्तियों के खिलाफ रही है और उनका हिंदुत्व एजेंडा है. अगर आप वक्फ बोर्ड की स्थापना और संरचना में संशोधन करते हैं, तो प्रशासनिक अराजकता होगी, वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म होगी और अगर सरकार का नियंत्रण वक्फ बोर्ड पर बढ़ता है, तो वक्फ की स्वतंत्रता प्रभावित होगी.

कार्यपालिका न्यायपालिका की शक्ति छीनने की कोशिश कर रही है

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, अगर कोई विवादित संपत्ति है, तो ये लोग कहेंगे कि संपत्ति विवादित है, हम इसे हासिल कर लेंगे सर्वे किया गया. सर्वे भाजपा और मुख्यमंत्रियों द्वारा कराया जाएगा. आपको पता है कि इसका परिणाम क्या होगा. हमारे भारत में कई ऐसी दरगाहें हैं, जहां भाजपा-आरएसएस दावा करता है कि वे दरगाह और मस्जिद नहीं हैं, इसलिए कार्यपालिका न्यायपालिका की शक्ति छीनने की कोशिश कर रही है.

सरकार को कोई भी संशोधन करने से पहले हितधारकों से सलाह लेनी चाहिए

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने मीडिया रिपोर्टों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर नियंत्रण के लिए विधेयक ला सकती है. उन्होंने कहा, हमारे पूर्वजों ने अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा दान करके उसे इस्लामी कानून के तहत वक्फ बनाया है। इसलिए जहां तक ​​वक्फ कानून का सवाल है, तो यह जरूरी है कि संपत्ति का इस्तेमाल सिर्फ धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए, जिसके लिए वक्फ किया गया है. यह कानून है कि एक बार जब कोई संपत्ति वक्फ बन जाती है तो उसे बेचा या हस्तांतरित नहीं किया जा सकता. जहां तक ​​संपत्तियों के प्रबंधन का सवाल है, हमारे पास पहले से ही वक्फ अधिनियम 1995 है और फिर 2013 में कुछ संशोधन किए गए और फिलहाल हमें नहीं लगता कि इस वक्फ अधिनियम में किसी तरह के संशोधन की जरूरत है. अगर सरकार को लगता है कि कोई जरूरत है तो सरकार को कोई भी संशोधन करने से पहले हितधारकों से सलाह लेनी चाहिए और उनकी राय लेनी चाहिए. सभी को यह ध्यान रखना चाहिए कि वक्फ की करीब 60% से 70% संपत्तियां मस्जिदों, दरगाहों और कब्रिस्तानों के रूप में हैं.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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