Waqf Amendment Bill: नीतीश, चिराग और चंद्रबाबू का खेल बिगाड़ेंगे ओवैसी? वक्फ बिल का सपोर्ट करने पर दी चुनौती

Waqf Amendment Bill : ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, चिराग पासवान, चंद्रबाबू नायडू और जयंत चौधरी पर निशाना साधा है. ओवैसी ने सभी नेताओं को चुनौती दे डाली है. उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि मुस्लिम चारों को कभी माफी नहीं करेगा, क्योंकि उन्होंने मुस्लिम विरोध बिल का समर्थन किया है. ओवैसी का इशाना बिहार चुनाव है. तो आइये जानते हैं बिहार चुनाव में ओवैसी नीतीश और चिराग के लिए कितनी मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं.

Waqf Amendment Bill Owaisi

Waqf Amendment Bill : असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi ) का एक वीडियो इस समय सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें वो नीतीश कुमार, जयंत चौधरी, चंद्रबाबू नायडू और चिराग पासवान को खुलेआम चुनौती और धमकी देते दिख रहे हैं. वीडियो में वो कह रहे हैं, “नीतीश कुमार, जयंत चौधरी, चंद्रबाबू नायडू और चिराग पासवान, या रखो, हम कभी भी तुम्हारी इस चीज को माफ नहीं करेंगे. तुम जो हमारी शरीयत पर हमला करने की इजाजत बीजेपी को दे रहे हो, हम कभी माफ नहीं करेंगे.” ओवैसी के इस बयान को बिहार चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. क्योंकि अगले 5 महीने के अंदर बिहार में विधानसभा चुनाव होना है. वक्फ बिल को आरजेडी अपना हथियार बनाने में जुट गई है. अब ओवैसी भी इसको लेकर एनडीए गठबंधन को सबक सिखाने की तैयारी में हैं.

ओवैसी ने नीतीश, चंद्रबाबू, चिराग और जयंत चौधरी को खुली चुनौती दी

ओवैसी ने नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू, जयंत चौधरी और चिराग पासवान को खुली चुनौती दी है. उन्होंने कहा- “ये नेता केंद्र सरकार में अपने संख्या बल के आधार पर काफी दमखम रखते हैं. ये अगर चाहें तो संसद में वक्फ बिल को पास होने से रोक सकते हैं. अगर ये सभी अल्पसंख्यकों के हितैषी हैं, उन्हें संसद में बिल का विरोध करना चाहिए, उसे पारित होने से रोकना चाहिए.” ओवैसी ने नीतीश, चिराग, चंद्रबाबू और जयंत चौधरी को कहा, “ये बिल का समर्थन कर रहे हैं, क्या आप पांच साल के बाद जनता के पास जायेंगे, तो क्या जवाब देंगे. बिहार चुनाव होना है.” औवेसी ने कहा- “बीजेपी हुकूमत जो वक्फ बिल ला रही है वह ‘वक्फ बर्बाद बिल’ है. सरकार का मकसद सिर्फ मुसलमानों से नफरत फैलाना और हिंदुत्व की विचारधारा लागू करना है.”

सीमांचल ओवैसी का गढ़?

ओवैसी ने जिस तरह से नीतीश और चिराग को बिहार चुनाव की याद दिलाते हुए सबक सिखाने की धमकी दी है. उसे इस आधार पर समझा जा सकता है. बिहार के सीमांचल में मुस्लिमों की संख्या अधिक है. वहां All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen का दबदबा रहा है. उसे ओवैसी का गढ़ माना जाता है. आगामी बिहार चुनाव में ओवैसी का पूरा फोकस सीमांचल पर होगा. पूरे राज्य में अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी भी ओवैसी कर रहे हैं. बिहार चुनाव में ओवैसी जनता के सामने वक्फ बिल के खिलाफ जनता के पास जाएंगे और उन्हें अपने पक्ष में करने की कोशिश करेंगे. वैसे में नीतीश और चिराग के लिए बिहार चुनाव में ओवैसी बड़ी परेशानी बन सकते हैं. हालांकि ओवैसी को उस समय सीमांचल में तगड़ा झटका लगा, जब उनकी पार्टी के चार विधायक लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी में शामिल हो गए.

ओवैसी ने लोकसभा में वक्फ विधेयक के मसौदे की प्रति फाड़ी

एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार रात को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 का विरोध करते हुए इसके मसौदे की प्रति फाड़ दी. सदन में विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए ओवैसी ने कहा कि “यह भारत के ईमान पर हमला है और मुसलमानों को अपमानित करने के लिए लाया गया है. इस विधेयक को लाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समूह के खिलाफ जंग छेड़ दी है.”

वक्फ बिल लोकसभा से पारित, राज्य सभा में बहस जारी

लोकसभा ने बुधवार देर रात विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों के कड़े विरोध के बीच वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को पारित कर दिया. जिसमें केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बैठक में संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) द्वारा प्रस्तावित 14 संशोधनों को अपनी मंजूरी दी. इस बिल पर फिलहाल राज्यसभा में गरमा-गर्म बहस जारी है. राज्यसभा से बिल पास होने के बाद मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास जाएगा. वहां से मंजूरी मिलने के बाद बिल कानून का रूप ले लेगा.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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