ICICI Bank Fraud : सीबीआई ने वीडियोकॉन के संस्थापक वेणुगोपाल धूत को मुंबई से किया गिरफ्तार

केंद्रीय जांच एजेंसी का आरोप है कि आईसीआईसीआई बैंक ने वेणुगोपाल धूत द्वारा प्रवर्तित वीडियोकॉन समूह की कंपनियों को बैंकिंग विनियमन अधिनियम, आरबीआई के दिशानिर्देशों और बैंक की ऋण नीति का उल्लंघन करते हुए 3,250 करोड़ रुपये की लोन फैसिलिटी मंजूर की थीं.

नई दिल्ली : आईसीआईसीआई बैंक लोन फ्रॉड मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को वीडियोकॉन के संस्थापक वेणुगोपाल धूत को मुंबई से गिरफ्तार किया है. उनकी यह गिरफ्तारी आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर की गिरफ्तारी के तीन दिन बाद की गई है. मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने कोचर दंपति और धूत के अलावा दीपक कोचर द्वारा संचालित नूपावर रिन्यूएबल्स (एनआरएल), सुप्रीम एनर्जी, वीडियोकॉन इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड तथा वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड को भारतीय दंड संहिता की धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2019 के तहत दर्ज प्राथमिकी में आरोपी बनाया है.

केंद्रीय जांच एजेंसी का आरोप है कि आईसीआईसीआई बैंक ने वेणुगोपाल धूत द्वारा प्रवर्तित वीडियोकॉन समूह की कंपनियों को बैंकिंग विनियमन अधिनियम, आरबीआई के दिशानिर्देशों और बैंक की ऋण नीति का उल्लंघन करते हुए 3,250 करोड़ रुपये की लोन फैसिलिटी मंजूर की थीं. सीबीआई की ओर से दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, इस मंजूरी के एवज में वेणुगोपाल धूत ने सुप्रीम एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (एसईपीएल) के माध्यम से नूपावर रिन्यूएबल्स में 64 करोड़ रुपये का निवेश किया और 2010 से 2012 के बीच हेरफेर करके पिनेकल एनर्जी ट्रस्ट को एसईपीएल स्थानांतरित की. पिनेकल एनर्जी ट्रस्ट तथा एनआरएल का प्रबंधन दीपक कोचर के ही पास था.

2012 में लिये थे 3250 करोड़ रुपये का लोन

आरोप है कि वीडियोकॉन के संस्थापक वेणुगोपाल धूत ने वर्ष 2012 में आईसीआईसीआई बैंक से वीडियोकॉन ग्रुप को करीब 3250 करोड़ रुपये का लोन मिलने के बाद नूपावर में करोड़ों रुपये का निवेश किया. आईसीआईसीआई बैंक लोन फ्रॉड का खुलासा होने के बाद सीबीआई ने वर्ष 2019 में प्राथमिकी दर्ज की थी. इसके बाद उसने यह आरोप लगाया था कि आरोपियों ने आईसीआईसीआई बैंक को धोखा देने के लिए आपराधिक साजिश के तहत कुछ कंपनियों को लोन मंजूर किए थे.

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अरविंद गुप्ता ने पीएम को लिखी थी चिट्ठी

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आईसीआईसीआई बैंक और वीडियोकॉन के शेयर होल्डर अरविंद गुप्ता ने भारत के प्रधानमंत्री, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और बाजार विनियामक सेबी को चिट्ठी लिखकर वीडियोकॉन के संस्थापक वेणुगोपाल धूत और आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व प्रमुख चंदा कोचर पर एक-दूसरे को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया था. इस आरोप के बाद चंदा कोचर को आईसीआईसीआई बैंक के प्रमुख पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था.

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लेखक के बारे में

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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