कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर भजन गायक नरेंद्र चंचल का Video Viral

कोरोना वायरस महामारी का दुनिया भर में इस कदर खौफ फैल गया है कि लोग-बाग इससे खुद को बचाए रखने के लिए भगवान से हर वक्त प्रार्थना कर रहे हैं. इस जानलेवा विषाणु के प्रसार की रोकथाम के लिए भारत में प्रशासनिक तौर पर एहतियाती कदम तो उठाए ही जा रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई प्रकार की कविताएं और वीडियो वायरल हो रहा है.

नयी दिल्ली : कोरोना वायरस महामारी का दुनिया भर में इस कदर खौफ फैल गया है कि लोग-बाग इससे खुद को बचाए रखने के लिए भगवान से हर वक्त प्रार्थना कर रहे हैं. इस जानलेवा विषाणु के प्रसार की रोकथाम के लिए भारत में प्रशासनिक तौर पर एहतियाती कदम तो उठाए ही जा रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई प्रकार की कविताएं और वीडियो वायरल हो रहा है. ताजा घटनाक्रम में सोशल मीडिया पर बॉलीवुड के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन की कविता वायरल होने के बाद भजन गायक नरेंद्र चंचल का वीडियो भी खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो में नरेंद्र चंचल मां दुर्गा के का नया भजन गा रहे हैं, जिसमें वे कोरोना वायरस का भी जिक्र करते नजर आते हैं.

माता के जागरण के समय नरेंद्र चंचल द्वारा गाया गया यह भजन काफी लोकप्रिय हो रहा है. इस वीडियो में वे गाते हुए पाए जाते हैं कि ‘डेंगू भी आया और स्वाइन फ्लू भी आया, चिकनगुनिया ने शोर मचाया, कित्थे आया कोरोना?’ इसका मतलब यह हुआ कि इस देश में डेंगू भी आया, स्वाइन फ्लू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों ने भी अपना कहर बरपाया, लेकिन ये कोरोना वायरस कहां से आया? उनके इस गीत पर माता के जगराते में बैठे दर्शक जोर-जोर से तालियां बजाते नजर आते हैं.

आपको बता दें कि नरेंद्र चंचल देश के लोकप्रिय भजन गायकों में से एक हैं. उन्होंने वर्ष 1973 में ऋषि कपूर अभिनीत आयी फिल्म बॉबी में ‘बेशक मंदिर मस्जिद तोड़ो’ गाना गाया था. इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी दिया गया था. इसके अलावा, उन्होंने 1980 में आशा फिल्म में ‘तूने मुझ बुलाया शेरावालिए’ भजन गाया था तथा अवतार फिल्म में उन्होंने ‘चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है’ आदि गीत गाए हैं.

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Author: KumarVishwat Sen

Published by: Prabhat Khabar

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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