Video: दुश्मन को संभलने का मौका भी नहीं देगा ‘गरुड़ास्त्र’; एक साथ गिरेंगे कई गोले, महू में सफल टेस्ट

Video: भारतीय रक्षा क्षेत्र ने आत्मनिर्भरता की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ाया है. नाइबे लिमिटेड (Nibe Limited) ने बुधवार को अपने अत्याधुनिक लॉन्ग-रेंज 120mm व्हीकल माउंटेड मोर्टार सिस्टम ‘गरुड़ास्त्र’ (Garudastra) का सफल प्रदर्शन किया. यह परीक्षण ‘इन्फैंट्री स्कूल, महू’ (Mhow) में ‘नो कॉस्ट-नो कमिटमेंट’ (NC-NC) के आधार पर आयोजित किया गया था.

Video: इस सफल प्रदर्शन के दौरान ‘गरुड़ास्त्र’ ने अपनी मारक क्षमता, सटीकता और आधुनिक तकनीकों का लोहा मनवाया. यह सिस्टम भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) और ‘आत्मनिर्भर भारत’ (Atmanirbhar Bharat) अभियानों के दृष्टिकोण को पूरी तरह से साकार करता है. नाइबे लिमिटेड ने एक विदेशी ओईएम (OEM – मूल उपकरण निर्माता) के साथ रणनीतिक साझेदारी के तहत इस स्वदेशी रक्षा प्रणाली को विकसित किया है, जो भारतीय सशस्त्र बलों की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है.

‘गरुड़ास्त्र’ की खासियतें और ताकत

इस लाइव डिमॉन्स्ट्रेशन (प्रदर्शन) के दौरान ‘गरुड़ास्त्र’ ने बेजोड़ तकनीकों और क्षमताओं का प्रदर्शन किया. इसकी खासियत ऐसा है.

लॉन्ग-रेंज 120mm मोर्टार: यह 120 मिलीमीटर का एक हैवी-ड्यूटी मोर्टार सिस्टम है, जो लंबी दूरी तक दुश्मन के ठिकानों को तबाह करने में सक्षम है.

व्हीकल माउंटेड सिस्टम: यह मोर्टार एक सैन्य वाहन (Vehicle) पर फिट रहता है, जिससे इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना बेहद आसान और तेज हो जाता है. यह दुर्गम इलाकों में भी सेना को तुरंत फायर पावर देता है.

रैपिड शूट-एंड-स्कूट ऑपरेशंस (Rapid Shoot-and-Scoot): इस तकनीक की बदौलत यह सिस्टम दुश्मन पर तेजी से गोले बरसाने के तुरंत बाद अपनी लोकेशन (जगह) बदल लेता है. इससे दुश्मन को जवाबी कार्रवाई या री-टार्गेटिंग का मौका नहीं मिलता और हमारे सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है.

हाई-रेट ऑफ फायर (High-Rate of Fire): गरुड़ास्त्र बहुत ही कम समय में लगातार कई गोले दागने की क्षमता रखता है, जिससे दुश्मन पर भारी दबाव बनाया जा सकता है.

MRSI (Multiple Rounds Simultaneous Impact) तकनीक: यह इस सिस्टम की सबसे घातक खूबियों में से एक है. इसके तहत मोर्टार से अलग-अलग एंगल (कोण) पर कई गोले दागे जाते हैं, लेकिन वे सभी गोले दुश्मन के ठिकाने पर एक ही समय (एक साथ) जाकर गिरते हैं. इससे दुश्मन को संभलने का मौका भी नहीं मिलता.

जीपीएस और लेजर गाइडेड सटीक निशाना (Precision Engagement): गरुड़ास्त्र के गाइडेड गोला-बारूद (Guided Munition) जीपीएस (GPS) और लेजर गाइडेंस सिस्टम से लैस हैं. इसकी मदद से यह मोर्टार बिल्कुल सटीक और अचूक निशाना लगाता है, जिससे आसपास के नुकसान (Collateral Damage) को कम किया जा सकता है.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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