वंदे मातरम् विवाद : हरीश रावत बोले- 1937 की कांग्रेस समिति का फैसला नहीं बदल सकते, BJP पर देश को बांटने का लगाया आरोप

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वंदे मातरम् को लेकर छिड़े विवाद पर भारतीय जनता पार्टी पर देश को बांटने का आरोप लगाया है. उन्होंने 1937 के कांग्रेस के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा अपने राजनीतिक लाभ के लिए इसे भुनाने की कोशिश कर रही है.

Vande Mataram controversy : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरिश रावत ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात की. इस दौरान उनसे पूछा गया कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने वंदे मातरम् के लिए पहले दो छंद गाने का फैसला लिया है, इसपर उनका क्या मत है. हरिश रावत ने कहा कि भाजपा के लोग हर चीज का इस्तेमाल देश को बांटने के लिए करते हैं. वंदे मातरम् का इस्तेमाल भी वे अपने राजनीतिक लाभ के लिए कर रहे हैं. स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कांग्रेस ने वंदे मातरम् को जो महत्व दिया था, उसे कभी नकारा नहीं जा सकता.

उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस कार्य समीति में सुभाष चंद्र बोश, आचार्य नरेंद्र देव, मौलाना आजाद, जवाहरलाल नेहरू और रविंद्रनाथ टैगोर जैसे दिग्गज नाम शामिल थे, उन्होंने महात्मा गांधी की आज्ञा से उपसमीति बनाई और जो फैसला लिया उसे आज कोई कैसे बदलने का साहस कर सकता है. उन्होंने भाजपा और आरएसएस की देश की आजादी में योगदान न होने की ओर भी इशारा किया.

पूर्व उत्तराखंड सीएम ने कहा कि 1937 के कांग्रेस के फैसले को पलटने का काम आज की कांग्रेस नहीं कर सकती. ऐसा मोदी कर सकते हैं, अमित शाह कर सकते हैं. क्योंकि उनका देश की आजादी से कोई तारतम्य नहीं रहा है. लेकिन कांग्रेस ऐसा नहीं कर सकती, क्योंकि हमारा तारतम्य रहा है.

क्या है वंदे मातरम का कांग्रेस से जुड़ा विवाद?

15 अगस्त को झंडोतोलन के दौरान शुरू हुआ विवाद गहराता जा रहा है. कांग्रेस अपने कार्यालय में झंडा फहरा रही थी. वंदे मातरम् गाया जा रहा था. हालांकि पूरा गाया गया, लेकिन शीर्ष नेताओं में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, खरगे व अन्य ने सिर्फ शुरुआत के दो छंद ही गाए. इसके बाद गोवा में कांग्रेस का कार्यक्रम हुआ, वहां भी दो ही छंद गाए गए. बीजेपी ने इसपर सवाल खड़े किए और देशद्रोह का आरोप लगाया. जवाब में कांग्रेस ने तर्क दिया कि वे उसी वंदे मातरम् को गा रहे हैं, जो गांधी, नेहरू के समय गाया जाता था.

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By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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