वंदे मातरम विवाद पर कांग्रेस का पलटवार, पवन खेड़ा बोले- 'खुद को पटेल-अंबेडकर से बड़ा समझने लगे हैं अमित शाह'

राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के पहले दो छंदों को गाने के फैसले पर छिड़े सियासी घमासान के बीच कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि अमित शाह खुद को सरदार पटेल, महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर से भी बड़ा समझने लगे हैं.

Vande Mataram controversy: राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) द्वारा पार्टी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सिर्फ शुरुआती दो छंद गाने के फैसले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 'तुष्टिकरण' वाले बयान के बाद कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने गुरुवार को कहा कि गृह मंत्री संविधान सभा और देश के महापुरुषों के फैसलों का अपमान कर रहे हैं और खुद को आजादी के नायकों से बड़ा साबित करने की कोशिश में जुटे हैं.

​ 'संविधान सभा के फैसले पर सवाल उठा रहे गृह मंत्री'

​पवन खेड़ा ने गृह मंत्री के बयान पर एतराज जताते हुए कहा, "क्या अमित शाह खुद को सरदार पटेल, महात्मा गांधी, पंडित नेहरू और सी. राजगोपालाचारी से भी बड़ा मानते हैं? वे संविधान सभा के फैसले के खिलाफ बोल रहे हैं और खुद को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर से ऊपर रख रहे हैं. संविधान सभा में हर विचारधारा के लोग शामिल थे और वहां वंदे मातरम की स्थिति को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई थी. कांग्रेस 1937 के उसी ऐतिहासिक प्रस्ताव का पालन कर रही है, जिसे पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और गांधी जी ने तैयार किया था."

​ अमित शाह ने लगाया था देश के बंटवारे की नींव रखने का आरोप

​इससे पहले, गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए उसके इस कदम को 'देशविरोधी और चरम तुष्टिकरण' करार दिया था. उन्होंने आरोप लगाया कि 1937 में कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम के टुकड़े कर देश के विभाजन की नींव रखी थी, जिसके चलते पाकिस्तान बना. शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने इसके 150वें वर्ष में इस ऐतिहासिक भूल को सुधारा और सभी सरकारी आयोजनों में पूरा वंदे मातरम गाना अनिवार्य किया, लेकिन कांग्रेस आज भी अपने पुराने वोटबैंक तुष्टिकरण पर अड़ी है.

​ संसद और जंतर-मंतर की घटनाओं पर भी घेरा

​पवन खेड़ा ने गृह मंत्री की संसद से अनुपस्थिति और 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी निशाना साधा. खेड़ा ने आरोप लगाया कि हिंदू महासभा और संघ ने मिलकर सरकारें चलाईं और विभाजन में सहयोग किया, जबकि कांग्रेस हमेशा संविधान और स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों पर चली है. उन्होंने कहा कि जो संसद में जवाब देने से बचते हैं, वे आज देश के निर्माताओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं.

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By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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