Vaccine In India : वैक्सीन को लेकर फैलाया जा रहा है भ्रम, नीति आयोग ने बताया सच, सात झूठ जो हुए बेनकाब

देश में वैक्सीनेशन को लेकर कई तरह की जानकारियां सोशल साइट और खबरों पर चल रही है. इसमें से कई जानकारियां सही नहीं है. वैक्सीन को लेकर फैल रहे भ्रम और झूठ पर नीति आयोग ने सामने आकर सच्चाई बतायी है. एक- एक करके ऐसे कई सवालों का जवाब देने की कोशिश की गयी है जिससे वैक्सीन को लेकर सरकार की रणनीति का अंदाजा लगाया जा सकता है.

देश में वैक्सीनेशन को लेकर कई तरह की जानकारियां सोशल साइट और खबरों पर चल रही है. इसमें से कई जानकारियां सही नहीं है. वैक्सीन को लेकर फैल रहे भ्रम और झूठ पर नीति आयोग ने सामने आकर सच्चाई बतायी है. एक- एक करके ऐसे कई सवालों का जवाब देने की कोशिश की गयी है जिससे वैक्सीन को लेकर सरकार की रणनीति का अंदाजा लगाया जा सकता है.

पहला भ्रम

विदेशी वैक्सीन नहीं खरीद रहा है भारत, पहले भी नहीं की कोशिश ? सरकार 2020 से ही वैक्सीन आयात करने की कोशिश में लगी है. फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन को भारत लाने के लिए कई दौर की बातचीत हुई . रूस की स्पूतनिक वैक्सीन को भारत में मंजूरी मिली है यह इसका प्रमाण है कि भारत वैक्सीन को लेकर कोशिशें कर रहा है.

दूसरा भ्रम

विदेशी वैक्सीन को मंजूरी नहीं दे रही है सरकार ? सरकार अप्रैल 2021 से ऐसी वैक्सीन्स की एंट्री आसान कर दी है, जिसे अमेरिका की FDA, इंग्लैंड की MHRA, जापान के PMDA और WHO की इमरजेंसी यूज लिस्टिंग की मंजूरी मिली हो इतना ही नहीं ऐसा कोई आवेदन भारत सरकार के पास पेडिंग नहीं है जिसमें वैक्सीन को लेकर भारत सरकार से अनुमति मांगी गयी और सरकार ने नहीं दी है.

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तीसरा भ्रम

वैक्सीन के उत्पादन को बढ़ाने पर सरकार का फोकस नहीं है ? साल 2020 से ही सरकार वैक्सीन की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर फोकस कर रही है. अक्टूबर तक हर महीने कोवैक्सीन की 10 करोड़ डोज तैयार करने की तैयारी है. हर महीने 11 करोड़ डोज के उत्पादन की योजना है. ऐसे में यह कहना गलत है कि सरकार उत्पादन पर ध्यान नहीं दे रही है

चौथा भ्रम

केंद्र को वैक्सीन पर अनिवार्य लाइसेंसिंग लागू करनी चाहिए इस पर आयोग का कहना है, कि भारत अनिवार्य लाइसेंसिंग से भी एक कदम आगे बढ़ चुका है. कोवैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए भारत बायोटेक और 3 संस्थाओं में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है और स्पूतनिक के लिए भी ऐसी कोशिश की जा रही है.

पांचवां भ्रम

वैक्सीन को लेकर अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा है केंद्र, राज्यों पर छोड़ दी है जिम्मेदारी ? अबतक केंद्र सरकार वैक्सीन के उत्पादन, आवंटन पर ध्यान दे रही है. केंद्र जो भी वैक्सीन खरीद रहा है उसे राज्यों तक पहुंचाया जा रहा है.

छठा भ्रम

केंद्र राज्यों को पर्याप्त वैक्सीन नहीं दे रहा है. इस पर नीति आयोग का कहना है, कि सरकार सबकी सहमति से बने दिशा-निर्देशों से सभी को पर्याप्त वैक्सीन दे रही है. जल्द ही वैक्सीन की आपूर्ति बढ़ने वाली है, और राज्यों को ज्यादा वैक्सीन मिल पाना संभव होगा.

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सातवां भ्रम

केंद्र सरकार बच्चों की वैक्सीन के लिए कदम नहीं उठा रही है. आयोग ने इस आरोप पर कहा है, कि दुनिया का कोई भी देश अभी बच्चों को वैक्सीन नहीं दे रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन का भी इसपर कोई सुझाव नहीं है, और भारत में बच्चों पर जल्द ही ट्रायल शुरू होने जा रहे हैं.

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