उत्तराखंड में मंगलवार(18 अगस्त) को भारी बारिश और लैंडस्लाइड ने जमकर कहर बरपाया. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुतबिक, मकान ढहने और पहाड़ से पत्थर गिरने की अलग-अलग घटनाओं में ढाई साल के बच्चे और दिल्ली निवासी 25 वर्षीय महिला श्रद्धालु समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है.
केदारनाथ पैदल मार्ग पर हादसा
रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ पैदल मार्ग पर गौरीकुंड से करीब ढाई किलोमीटर आगे अचानक पहाड़ से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से दिल्ली के शालीमार बाग निवासी अंजली की मौत हो गई. हादसा मंगलवार सुबह करीब 11 बजे हुआ. अंजली अपने पति के साथ केदारनाथ जा रही थीं. उनके पति सुरक्षित बच गए, जबकि कर्नाटक निवासी 34 वर्षीय श्रद्धालु सिदप्पा घायल हो गए.
मलबे में दबने से तीन की मौत
पौड़ी जिले के लैंसडौन क्षेत्र में लगातार बारिश के बीच द्वारीखाल ब्लॉक के मेहरगांव में मंगलवार सुबह करीब सवा 7 बजे भूस्खलन के कारण दो मंजिला मकान ढह गया. मलबे में दबने से ढाई वर्षीय रुद्राक्ष, 46 वर्षीय धीरेंद्र सिंह और उनकी 70 वर्षीय मां मथुरा देवी की मौत हो गई.
सुबह चाय पी रहा था परिवार
ग्राम प्रधान अमित नेगी के अनुसार, घटना के समय परिवार के सदस्य सुबह की चाय पी रहे थे, अचानक मकान पर मलबा गिर गया. धीरेंद्र सिंह की पत्नी विधाता देवी बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहीं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य मलबे में दब गए. रुद्राक्ष अपने माता-पिता के साथ नाना के गांव आया हुआ था. स्थानीय लोगों ने 51 वर्षीय एक महिला को घायल अवस्था में बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया.
डीएम ने मौके पर पहुंचकर दी मदद
घटना की सूचना मिलने के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबे से तीन शव बरामद किए. पौड़ी की जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर घटनास्थल पर पहुंचीं. उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और 14 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की.
कई सड़कें बंद, नदियों का जलस्तर बढ़ा
भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण राज्य की कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं. चमोली जिले में कल्पेश्वर मंदिर परिसर में भी मलबा घुस गया, हालांकि वहां किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर लोग फंस गए.
एसडीआरएफ ने 8 लोगों को बचाया
एसडीआरएफ ने देहरादून और ऋषिकेश में अलग-अलग घटनाओं में 8 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. ऋषिकेश में बीन नदी के तेज बहाव में वाहन पलटने के बाद उसमें फंसे दो लोगों को बचाया गया. वहीं देहरादून के थान गांव में स्वारना नदी का जलस्तर बढ़ने से फंसे निजी विश्वविद्यालय के 6 छात्रों को एसडीआरएफ की टीम ने करीब छह किलोमीटर पैदल चलकर सुरक्षित निकाला.
हरिद्वार में गंगा चेतावनी स्तर से ऊपर
हरिद्वार में गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर 293 मीटर को पार कर 293.10 मीटर पहुंच गया है. बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. गंगा किनारे बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है.
बुधवार को भी भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार को देहरादून, टिहरी, पौड़ी और उधमसिंह नगर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया था. बुधवार को देहरादून और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट तथा अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और लैंडस्लाइ़ड संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है.
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