अमित शाह ने गरीब बच्चों संग किया दोपहर का भोजन, जानें क्यों खास है कुसुम्ब अन्न रसोई, देखें तस्वीरें

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अमित शाह ने गरीब बच्चों संग किया दोपहर का भोजन, जानें क्यों खास है कुसुम्ब अन्न रसोई, देखें तस्वीरें

शाह और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने यहां अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) द्वारा आयोजित ‘तिरंगा यात्रा’ को हरी झंडी दिखाई. शाह ने कहा, हमें अब देश के लिए जान देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम स्वतंत्र हैं. लेकिन, हमें अपने देश के लिए जीने से कोई नहीं रोक सकता.

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज अपने परिवार के साथ गुजरात में अपने पैतृक गांव मनासा में अपनी मां की याद में चल रही ‘कुसुम्ब अन्न क्षेत्र’ रसोई में दोपहर का भोजन किया. यह रसोई रोजाना जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन उपलब्ध कराती है.

अमित शाह इस समय गुजरात दौरे पर हैं. भारत के 77वें स्वतंत्रता दिवस से पहले, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को यहां युवाओं से अपील की कि वे देश को एक महान राष्ट्र बनाने के लिए आजादी के अमृत काल के 25 वर्षों के दौरान स्वयं को भारत माता के प्रति समर्पित कर दें.

शाह और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने यहां अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) द्वारा आयोजित ‘तिरंगा यात्रा’ को हरी झंडी दिखाई. शाह ने कहा, हमें अब देश के लिए जान देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम स्वतंत्र हैं. लेकिन, हमें अपने देश के लिए जीने से कोई नहीं रोक सकता.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर 15 अगस्त 2022 को हर घर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि गुजरात में एक करोड़ परिवारों में से प्रत्येक अपने घर पर तिरंगा फहराएगा, तो पूरा राज्य और देश तिरंगामय हो जाएगा.

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से 25 साल (2022 से) 15 अगस्त 2047 तक आजादी का अमृत काल के रूप में मनाने और इसका उपयोग देश को महान और हर क्षेत्र में नंबर एक बनाने के लिए करने की अपील की है.

शाह ने अपने संबोधन में कहा, यह ‘अमृत काल’ हमारी युवा पीढ़ी के लिए विशेष महत्व रखता है. जैसे युवा पीढ़ी ने 90 वर्षों तक देश की आजादी की लड़ाई का नेतृत्व किया और देश को उपनिवेशवाद की बेड़ियों से मुक्त कराया, वैसे ही आज की युवा पीढ़ी को स्वयं को 2047 तक 25 वर्षों के लिए भारत माता के लिए समर्पित करना होगा और भारत को महान बनाना होगा.

उन्होंने कहा कि 1857 और 1947 के बीच 90 वर्षों के स्वतंत्रता संग्राम के परिणामस्वरूप, लोकतंत्र की जननी भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में अपनी जगह बना रहा है.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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