Una Flogging Incident: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी गांधी ने ऊना में कोड़े मारने की 2016 की घटना के पीड़ितों के प्रति एकजुटता जताई. उन्होंने संकल्प लिया कि वह न्याय मिलने तक उनकी आवाज उठाते रहेंगे.
गुजरात के दलित एवं आदिवासी समुदायों के साथ बातचीत का वीडियो किया शेयर
राहुल गांधी ने गुजरात के दलित एवं आदिवासी समुदायों के साथ अपनी बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया. जिसमें ऊना कांड के पीड़ित भी शामिल थे. वीडियो साझा करते हुए राहुल ने लिखा, यह मुलाकात बेहद पीड़ादायक और चिंतनशील रही.
क्या है ऊना कांड?
गुजरात में कोड़े मारने की घटना 11 जुलाई 2016 को गिर सोमनाथ जिले के ऊना कस्बे के निकट मोटा समधियाला गांव में हुई थी. जब चार दलित युवक अपने पारंपरिक पेशे के तहत उस गाय की खाल उतार रहे थे, जिसकी कुछ समय पहले किसी दूसरे गांव में मौत हो गई थी. गोरक्षक बताने वाले आरोपियों ने इन युवकों को कोड़े मारे. इसके बाद उन्हें कथित तौर पर अवैध रूप से हवालात में डाल दिया गया. पुलिसकर्मियों ने भी उनकी पिटाई की.
ऊना कांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था : राहुल गांधी
राहुल गांधी ने पोस्ट में लिखा- करीब 10 साल पहले ऊना कांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था. कुछ दलित युवाओं को सरेआम निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया. उस समय मैं उनके परिवारों के साथ खड़ा था. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक दशक बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला, न उनके घाव भरे हैं, उल्टा हालात और बदतर हो गए हैं. आज जब मैंने प्रतिनिधिमंडल की बातें सुनीं तो यह स्पष्ट हुआ कि हालात सुधरने के बजाय और भी भयावह हो गए हैं. एक व्यक्ति को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उसके शरीर में 19 फ्रैक्चर हो गए. एक अन्य व्यक्ति का भाई सिर्फ एक सनक में जिंदा जला दिया गया. ये घटनाएं केवल अपराध नहीं बल्कि भय और अन्याय से भरे माहौल की सच्चाई हैं.
आवाज उठाने वालों को दबा दिया जाता है: राहुल गांधी
गांधी ने कहा, सबसे चिंताजनक बात यह है कि जो लोग अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं, उन्हें दबा दिया जाता है. कभी धमकियों से, तो कभी हिंसा से और कई बार हत्या करके. गुजरात में बीजेपी सरकार के तहत दलितों और आदिवासी समुदायों के खिलाफ नफरत, भेदभाव और अत्याचार का वातावरण लगातार गहराता जा रहा है. ऊना के पीड़ित आज भी न्याय की प्रतीक्षा में हैं.
