MP: जिंदगी की जंग हार गयी सृष्टि, 300 फीट गहरे बोरवेल से तीन दिन बाद रोबोट टीम ने बाहर निकाला

रोबोटिक टीम के प्रभारी महेश आर्य ने बताया, हमने जानकारी एकत्र करने के लिए एक रोबोट को बोरवेल में उतारा है और उससे प्राप्त तस्वीरों को हम बच्ची की स्थिति जानने के लिए स्कैन करके डेटा को प्रोसेस किया. इसके बाद बच्ची को बाहर निकालने की कोशिश की गयी.

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के मुंगावली गांव में 300 फुट गहरे बोरवेल में फंसी ढाई साल की बच्ची सृष्टि जिंदगी की जंग हार गयी. तीसरे दिन गुरुवार की शाम उसे बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया. लेकिन उसकी जान नहीं बचायी जा सकी. गौरतलब है कि बच्ची खेत में खेलते समय बोरवेल में गिर गयी थी. रोबोट टीम की मदद से बच्ची को बाहर निकाला गया था.

बोरबेल से बाहर निकालने के बाद बच्ची को ले जाया गया अस्पताल

एक अधिकारी ने कहा कि सहयोगियों की मदद से बोरवेल से बाहर निकालने के तुरंत बाद बच्ची को एक एम्बुलेंस में जिला अस्पताल ले जाया गया. बच्ची को बेहोशी का हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. कलेक्टर सीहोर ने बताया, तमाम कोशिशों के बावजूद हम बच्ची को नहीं बचा सके. दो डॉक्टरों की टीम द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम से खुलासा हुआ है कि बच्ची की मौत दम घुटने से हुई.

रोबोटिक विशेषज्ञ ने बच्ची को किया रेस्क्यू

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में बोरवेल में गिरी ढाई साल की बच्ची को बचाने के लिए जारी अभियान में तीसरे दिन गुरुवार को रोबोटिक विशेषज्ञों की एक टीम को शामिल किया गया. टीम को तीन दिन के बाद सफलता मिली. जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि बच्ची को बोरवेल में एक पाइप के जरिए ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही थी.

रोबोट टीम ने कैसे बच्ची को बोरवेल से बाहर निकाला

रोबोटिक टीम के प्रभारी महेश आर्य ने बताया, हमने जानकारी एकत्र करने के लिए एक रोबोट को बोरवेल में उतारा और उससे प्राप्त तस्वीरों को हम बच्ची की स्थिति जानने के लिए स्कैन करके डेटा को प्रोसेस किया. इसके बाद बच्ची को बाहर निकालने की कोशिश की गयी.

30 फुट से नीचे फिसल कर 100 फुट में फंस गयी थी बच्ची

अधिकारियों ने बताया बच्ची को बोरवेल से बाहर निकालने का काम और अधिक कठिन तब हो गया जब वह 30 फुट से और नीचे फिसल कर लगभग 100 फुट की गहराई में फंस गई थी.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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