दिल्ली विधानसभा के अंदर एक सुरंग मिली है, जो लाल किले तक जाती है. यह सुरंग लगभग 5.6 किलोमीटर की है. इसका निर्मान 1926-27 से लेकर 1947 तक आजादी से पहले तक का माना जा रहा है.
विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने कहा कि यह सुरंग विधानसभा को लाल किले से जोड़ती है और स्वतंत्रता सेनानियों को स्थानांतरित करते समय अंग्रेजों की ओर से प्रतिशोध से बचने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया था.
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘1993 में जब विधायक बना था, तब यहां मौजूद एक सुरंग के बारे में अफवाह उड़ी थी. उस समय कह जाता था कि यहां एक सुरंग है, जो सीधे लाल किले तक जाती है. मैंने इसके इतिहास की खोज करने की कोशिश की, लेकिन इस पर कोई स्पष्टता नहीं मिली.’
Also Read: शायर मुनव्वर राना की बिगड़ी तबीयत, SGPGI में भर्तीउन्होंने आगे कहा कि अब हमें सुरंग का मुंह मिल गया है, लेकिन हम इसे और नहीं खोद रहे हैं क्योंकि मेट्रो परियोजनाओं और सीवर की स्थापना के कारण सुरंग के सभी रास्ते नष्ट हो गए हैं.
उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा, जिसे 1912 में कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरित करने के बाद केंद्रीय विधान सभा के रूप में इस्तेमाल किया गया था. बाद में 1926 में इसे एक अदालत के कूप में बदल दिया गया था और अंग्रेजों ने स्वतंत्रता सेनानियों को अदालत में लाने के लिए इस सुरंग का इस्तेमाल किया था. बता दें कि दिल्ली विधानसभा और लाल किले के बीच की दूरी करीब 5.6 किलोमीटर है.
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