Tripura Assembly Elections 2023 में दागी भी कर रहे मुकाबला,पार्टीवार जानें स्थिति

Tripura Assembly Elections 2023: त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीति दल पूरे जोश के साथ मैदान में डटे हैं. बीजेपी, कांग्रेस और लेफ्ट के बीच जोर आजमाइश हो रही है. सबसे बड़ा सवाल है कि क्या एक बार फिर बीजेपी बाजी मारेगी या कांग्रेस-सीपीएम गठबंधन जीत जाएगा चुनाव.

त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीति दल पूरे जोश के साथ मैदान में डटे हैं. बीजेपी, कांग्रेस और लेफ्ट के बीच जोर आजमाइश हो रही है. सबसे बड़ा सवाल है कि क्या एक बार फिर बीजेपी बाजी मारेगी या कांग्रेस-सीपीएम गठबंधन जीत जाएगा चुनाव. सारा दारोमदार उम्मीदवारों पर टिका है. ऐसे में राजनीतिक दलों ने जिन उम्मीदवारों पर दांव खेला है उनकी क्षवि कितनी साफ है देखते हैं.

त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी गठबंधन और कांग्रेस-सीपीएम के बीच मुख्य मुकाबला है. 60 विधानसभा सीटों वाले त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में में कुल 259 प्रत्याशी मैदान में हैं. इनमें 16 फीसदी उम्मीदवार दागी हैं. यानी उनपर आपराधिक मामले चल रहे हैं.

16 फीसदी में आठ परसेंट ऐसे उम्मीदवार हैं जिनपर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं.

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस ने सबसे ज्यादा दागी प्रत्याशियों को टिकट दिया है. जबकि सीपीएम दूसरे नंबर पर है.

कांग्रेस में 54 फीसदी प्रत्याशी पर मुकदमा दर्ज है. चुनाव में सबसे ज्यादा कांग्रेस ने ही दागी उम्मीदवारों को उतारा है. उसके बाद सीपीएम ने 30 फीसदी दागी उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है.

कांग्रेस और सीपीआईएम के बाद तृणमूल कांग्रेस ने सबसे ज्यादा दागी उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है. टीएमसी के 18 फीसदी उम्मीदवार दागी है.

बीजेपी ने इस बार चुनाव में साफ सुथरी क्षवि वाले उम्मीदवारों को ज्यादा तवज्जों दी है. बीजेपी के उम्मीदवारों में 16 फीसदी पर केस दर्ज है.

वहीं, टिपरा मोथा के 10 फीसदी और निर्दलीय उम्मीदवारों में सिर्फ 05 फीसदी उम्मीदवार दागी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >