तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राज्य की मंत्री कोंडा सुरेखा को तत्काल प्रभाव से मंत्रिमंडल से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह कदम उनकी बेटी कोंडा सुष्मिता पटेल के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं पर की गई तीखी टिप्पणियों के बाद उठाया गया है. इस विवाद के चलते कांग्रेस के अंदर खींचतान बढ़ गई है.
गुरुवार (3 सितंबर) को जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाने की सिफारिश तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को भेज दी गई है. अब राज्यपाल की मंजूरी के बाद उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की प्रक्रिया पूरी होगी.
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कोंडा सुरेखा की बेटी सुष्मिता ने क्या कहा था?
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब कोंडा सुरेखा की बेटी सुष्मिता ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर सार्वजनिक रूप से निशाना साधा. उन्होंने पार्टी विधायक रेवुरी प्रकाश रेड्डी का समर्थन करने और उन्हें परकल सीट से दोबारा चुनाव लड़ाने के मुख्यमंत्री के फैसले पर सवाल उठाए. सुष्मिता ने परकल को ‘कोंडा का इलाका’ बताते हुए रेवंत रेड्डी के फैसले पर आपत्ति जताई.
सुष्मिता ने कहा, “आप मेरे इलाके में, कोंडा के इलाके में आकर लोगों से प्रकाश रेड्डी को दोबारा जिताने की अपील क्यों कर रहे हैं?”
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परकल में एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने लोगों से मौजूदा विधायक रेवुरी प्रकाश रेड्डी को पिछली बार से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जिताने की अपील की थी. इसके कुछ दिन बाद सुष्मिता ने मुख्यमंत्री के इस समर्थन पर सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री इस विधानसभा क्षेत्र में विधायक के समर्थन में क्यों खड़े हैं.
परकल सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुकी हैं सुष्मिता
सुष्मिता के बयान को राजनीतिक तौर पर इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह खुद अगले विधानसभा चुनाव में परकल सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुकी हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर सीधे निशाना साधते हुए कई गंभीर आरोप लगाए. सुष्मिता का दावा है कि मुख्यमंत्री और उनके भाइयों ने राज्य के हितों की अनदेखी कर फायदा उठाया. उन्होंने करीब 200 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन से जुड़े मामले का भी जिक्र किया. इसके अलावा एक शेल कंपनी को लेकर भी सवाल उठाए. हालांकि, मुख्यमंत्री और उनके भाइयों पर लगाए गए ये आरोप फिलहाल सुष्मिता के दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
