किसान आंदोलन में मरने वालों के परिजनों को मुआवजा देगी तेलंगाना सरकार, आज पीएम मोदी से भेंट कर सकते हैं केसीआर

लंगाना की केसीआर सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान मरने वाले तकरीबन 750 लोगों के परिजनों को तीन-तीन लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है. हालांकि, मृतक किसानों के परिजनों को तीन-तीन लाख की मुआवजा राशि के आवंटन से राज्य सरकार के कंधों पर तकरीबन 22 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा.

हैदराबाद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अभी हाल ही में तीन नए कृषि कानूनों को वापस लिये जाने की घोषणा के बाद देश की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है. इसी सिलसिले में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने किसान आंदोलन में मरने वाले तकरीबन 750 लोगों के परिजनों को तीन-तीन लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है. खबर है कि तेलंगाना के सीएम केसीआर रविवार को एक प्रतिनिधिमंडल को लेकर पीएम मोदी से दिल्ली में मुलाकात करेंगे. हालांकि, इसके पहले पंजाब की चरणजीत सिंह चन्नी सरकार ने किसान आंदोलन में मरने वालों के परिजनों को मुआवजा राशि देने का ऐलान किया था.

मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, तेलंगाना की केसीआर सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान मरने वाले तकरीबन 750 लोगों के परिजनों को तीन-तीन लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है. हालांकि, मृतक किसानों के परिजनों को तीन-तीन लाख की मुआवजा राशि के आवंटन से राज्य सरकार के कंधों पर तकरीबन 22 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा. सरकार ने मृतक किसानों के परिजनों अनुग्रह राशि आवंटित करने के लिए 22 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है.

इसके साथ ही, तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर ने केंद्र सरकार ने तकरीबन एक साल से अधिक वक्त से जारी आंदोलन के दौरान अपने लोगों को खोने वाले किसान परिवार को 25-25 लाख रुपये देने की मांग भी की है. इतना ही नहीं, उन्होंने इस आंदोलन के दौरान किसानों पर किए गए मुकदमों को वापस लेने की मांग भी केंद्र सरकार से की है. इसके अलावा, उन्होंने संसद से पास बिजली संशोधन बिल को वापस लेने की भी अपील की है.

मीडिया की रिपोर्ट्स में इस बात की भी संभावना जाहिर की रही है कि रविवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर एक प्रतिनिधिमंडल को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. मीडिया की रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान वे उन तमाम मुद्दों को उठाएंगे, जिसकी मांग उन्होंने केंद्र सरकार से की है.

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बता दें कि तेलंगाना की केसीआर सरकार से पहले पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने एक साल से अधिक वक्त से जारी आंदोलन में मरने वाले किसानों के परिजनों को मुआवजा राशि देने का ऐलान किया था. इसके साथ ही, मुख्यमंत्री चन्नी ने केंद्र सरकार से पंजाब और राज्य के बाहर हुए संघर्ष में किसानों को हुए जान-माल की क्षति की भरपाई करने की भी मांग की है. प्रधानमंत्री मोदी की ओर से तीन कृषि कानूनों को वापस लिये जाने के ऐलान के बाद ही मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि संसद से इन कृषि कानूनों की वापसी पर मंजूरी मिलने तक सावधान रहने की जरूरत है.

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