ऐसा लग रहा था कि अब मामला तय हो गया है और विजय की TVK सरकार बना लेगी. उन्होंने तीन दिनों में तीसरी बार शुक्रवार (8 मई) को राज्यपाल से मिलकर दावा भी पेश किया. कांग्रेस, लेफ्ट और VCK के समर्थन से 118 का आंकड़ा पूरा होने की बात कही जा रही थी. लेकिन देर रात सियासत फिर पलट गई. राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विजय को एक बार फिर वापस भेज दिया. लोक भवन के सूत्रों के मुताबिक, TVK के पास अभी भी बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े पूरे नहीं हैं, जिससे सरकार गठन का मामला फिर अटक गया है.
लोक भवन के सूत्रों के हवाले से इंडिया टुडे ने खबर प्रकाशित की है. खबर के मुताबिक, विजय ने शुक्रवार को 117 विधायकों के समर्थन पत्र जमा किए. इसमें TVK के 107 विधायक शामिल हैं, क्योंकि पार्टी ने 108 सीटें जीती थीं लेकिन विजय खुद दो सीटों से जीते हैं और एक सीट छोड़ेंगे. इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस के 5, लेफ्ट के 4 और एएमएमके के 1 विधायक का समर्थन भी दिखाया. यानी कागज पर आंकड़ा 117 तक पहुंचा, लेकिन फिर भी बहुमत के लिए जरूरी 118 से एक कम रह गया. इससे सरकार बनाने का मामला अटका हुआ है.
फर्जी समर्थन पत्र का आरोप दिनाकरन ने लगाया
देर रात चेन्नई में एएमएमके के महासचिव टीटीवी दिनाकरन गिंडी रेंज के एसीपी ऑफिस पहुंचे. उन्होंने आरोप लगाया है कि TVK ने विधायक कामराज के समर्थन पत्र की फर्जी कॉपी राज्यपाल को दी और अब वे इस मामले में आपराधिक शिकायत दर्ज कर रहे हैं. दूसरी ओर TVK ने एक वीडियो जारी किया है.
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TVK दफ्तर के बाहर समर्थकों की भीड़ जुटी
इस बीच चेन्नई में TVK दफ्तर के बाहर समर्थकों की भीड़ जुटी है, जो विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का इंतजार कर रही है. कोयंबटूर से आए एक समर्थक ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है, थलापति हर बाधा पार कर तमिलनाडु के सीएम बनेंगे.
