Supreme Court on NEET online exam : उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह NEET परीक्षा को ऑनलाइन कराने के मुद्दे पर नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाले उच्चाधिकार प्राप्त कार्यबल की सिफारिशों का इंतजार करेगा.
अदालत ने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रणाली में बदलाव एक बड़ा फैसला है और इसे विशेषज्ञों की राय के आधार पर ही लागू किया जाना चाहिए.
'ऑनलाइन परीक्षा के लिए नए सुझाव जरूरी'
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि NEET जैसी बड़ी परीक्षा को ऑफलाइन से ऑनलाइन मोड में लाने के लिए नए सुझावों की जरूरत होगी. सिर्फ परीक्षा का माध्यम बदल देने से सभी समस्याओं का समाधान नहीं होगा. इसके लिए पूरी परीक्षा व्यवस्था, तकनीकी ढांचे और परीक्षा संचालन की प्रक्रिया पर विस्तार से विचार करना जरूरी है.
साइबर सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर NEET परीक्षा ऑनलाइन कराई जाती है तो साइबर सुरक्षा और डाटाबेस की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती होगी. प्रश्नपत्र, अभ्यर्थियों का डाटा और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय करने होंगे.
अदालत ने माना कि तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है, लेकिन इसके साथ मजबूत डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था भी उतनी ही अहम होगी.
नीलेकणि समिति की सिफारिशों पर टिकी नजर
अदालत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब NEET पेपर लीक के बाद परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग उठ रही है. केंद्र सरकार ने हाल ही में इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में छह सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त कार्यबल का गठन किया है. इस समिति को परीक्षा प्रणाली में तकनीक आधारित सुधार, पेपर लीक रोकने के उपाय और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को अधिक मजबूत बनाने के सुझाव देने की जिम्मेदारी दी गई है. सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि ऑनलाइन परीक्षा को लेकर आगे की दिशा तय करने में इस समिति की सिफारिशें अहम भूमिका निभाएंगी.
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